ब्रेकिंग

सरकारी पैसे के लिए पत्नी की जाति बदली, रायपुर नगर निगम के दस्तावेजों से खुला राज!"

अगरबत्ती और साबुन निर्माण से मुख्यधारा में लौटने की तैयारी

सूरजपुर के 17 गांवों में 'अंधेरे' का तांडव: 6 महीने बाद भी प्रशासन के वादे ठंडे बस्ते में, 12 हजार लोग मजबूर

पहली बार शामिल होंगे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, 29-30 जून को होगा दो दिवसीय आयोजन

समान नागरिक संहिता (UCC): क्या यह वास्तव में देश की प्राथमिकता है?

सूचना

: दृष्टिबाधित गर्भवती अबला का मुकबधिर पति ने छोड़ा साथ, मायके में भी नहीं मिला सहारा

Admin

Thu, Jul 12, 2018
प्रवेश गोयल सूरजपुर- जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम देवरी निवासी गर्भवती युवती को बुधवार को संजीवनी एक्सप्रेस से मेडिकल कॉलेज लाया गया। दृष्टि दोष की षिकायत से युवती को देखने में दिक्कत होती है। मंगलवार रात उसे अस्पताल परिसर में भटकते पुलिस सहायक केन्द्र के एक आरक्षक ने देखा और जानकारी प्रभारी अधिकारी को दी। नारी निकेतन भेजने के दौरान पेट दर्द की षिकायत पर उसे लेबर वार्ड में भर्ती कराया गया। देवरी ग्राम निवासी धनेष्वरी पिता सग्गर गोड़ 19 वर्ष का विवाह वर्ष 2016 में बरकटिया निवासी गूंगे लड़के से कर दी थी, पिता द्वारा की जाने वाली मारपीट से त्रस्त होकर वह वापस मायके आ गई, महिला ने बताया कि मुझे ससुराल में खाना तक भी नसीब नहीं होता था, यदि खाना कोई देता तो भी पति उसे छिपा देता और इसे लेकर सास- ससुर से भी मारपीट करते थे, इसी बीच वह गर्भवती हुई, तो इधर शराबी पति सात माह से भर्गवती पुत्री को मारपीट कर घर वापस जाने को मजबूर कर दिया। गूंगे पति की मार और व मायके से पिता द्वारा घर से भगाने के बाद वह लगभग 150 रूपये लेकर अम्बिकापुर पहुची। यहां से चिरमिरी रहने वालो बड़े पिता के बेटी के घर जाने निकली लेकिन बिना मिले ट्रेन से वापस अम्बिकापुर आई गई, रेल्वे स्टेषन के सफाई कर्मियों की नजर उस पर पड़ी और 108 नम्बर में फोन करके गर्भवती महिला के स्थिति के बारे में जानकारी दी। मौके पर पहुंची संजीवनी टीम से लेकर अस्पताल पहुंची और भगवान भरोसे छोड़ दिया। जिससे वह भटकर रही थी, चार भाई और एक बहन भरा पूरा परिवार होने के बावजूद भी जनर दोष झेल रही युवती ऐसे में दर- दर ठोकर खा रही है। उसे फिलहाल पेट दर्द की षिकायत अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें