: डॉक्टर्स डे पर डॉक्टरों का किया गया सम्मान
Sun, Jul 1, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- विश्व डॉक्टर्स डे अवसर पर एचडीएफसी बैंक परिवार के द्वारा सूरजपुर जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टरों को पुष्पगुच्छ व स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर विभिन्न परिस्थितियों में मरीजों को जीवन देते हैं आज डॉक्टर डे पर इन डॉक्टरों का हुआ हुआ सम्मान...............
मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर शशि तिर्की, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.आर.एस सिंह, डॉ.गरिमा सिंह, डॉ.विद्याभूषण टोप्पो, डॉ.स्वर्णा शर्मा, डॉक्टर पटेल, डॉ.रजनीश जयसवाल, राजेश पैकरा, डॉ. अजय मरकाम, डॉ.के के ताम्रकार, डॉ.दीपक मरकाम, डॉ.दीपक जयसवाल, डॉ.रश्मी कुमार, डॉ.सिमा गुप्ता, डॉ.तन्वी तिगा, डॉ. विकास जायसवाल, डॉ. मूंगा जयसवाल सहित डॉ.आदित्य राजवाड़े आदि डॉक्टरों का सम्मान एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक राजीव रमण सिंह , सह शाखा प्रबंधक आनंद त्रिपाठी, सहायक प्रबंधक प्राची साहू, संतोष जयसवाल अनन्य बोस, अमिष पटेल, अनवर अख्तर, संदीप गुप्ता, समर श्रीवास्तव, इखबाल अंसारी, अरुण साह, देवासिस चक्रवर्ती, प्रवीण सिंह सहित योगेन्द्र कुमार आदि अधिकारी कर्मचारी के द्वारा किया गया।
: हल्की सी बूंदा बांदी होने से भी हो जाता है अँधेरा कायम,बिजली की लचर व्यवस्था से परेशान हैं ग्रामीण
Sun, Jul 1, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर - जिले की लचर बिजली व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती का आलम यह है कि एक बार बिजली गुल हो जाए तो कब तक विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से लोगों को मिलेगी यह भी किसी विभाग के किसी अधिकारी को पता नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि दिन में कम से कम 6 घंटे तो न्यूनतम बिजली की कटौती होती ही है. इस अघोषित विद्युत कटौती से त्रस्त उपभोक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली का उत्पादन किया जाता है तो इस अघोषित बिजली कटौती से विभाग क्या जताना चाहता है? हल्के बादल आते ही या बूंदा बांदी होते ही बिजली गुल हो जाती है. विभाग के अधिकारियों का एक ही जवाब होता है फॉल्ट है.
: गये थे घुमने लेकिन लाष देख फुलने लगे हाथ- पांव
Sun, Jul 1, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- गांव के कुछ युवक बंद पड़ी कोयला खदान की ओर जब घुमने गये तो उनके पैर पेड़ पर लटकती लाष को देखकर ठिठक गये। कुछ देर तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। फिर उन्होंने खुद को संभालते हुए इसकी सूचना गांव के सरपंच और पुलिस को दी।
गौरतलब है कि बिश्रामपुर से लगे ग्राम गांधीकोट स्थित बंद पड़ी ओपन कास्ट कोयला खदान के समीप कुछ लोग घुमने निकले थे, घुमने के दौरान उनकी नजरें एक पेड़ पर लटकती लाष पर पड़ी लाष देख कुछ देर तो घुमने गये युवक सहम गये, लेकिन फिर खुद को संभालते हुए युवकों ने इसकी सूचना गांव के सरपंच देवबनर सिंह और पुलिस थाना बिश्रामपुर को दी। पुलिस ने मौके पे पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और पंचनामा तैयार कर लाष को पेड़ से उतारा।
पुलिस के अनुसार ओसीएम की कुवारी नम्बर 11 के बगल में लटकती लाष किसी अज्ञात युवक की बताई, युवक की लाष 10-12 दिन पुरानी बताई जा रही है। सड़क मार्ग से दूरी पर सुनसान जगह पर होने के कारण अब तक इस पर किसी की नजर नहीं पड़ी थी, युवक की पहचान तो नहीं हो पाई है, लेकिन उसकी उम्र 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। पोखरी में लाष मिलने की सूचना जैसे- जैसे गांव में फैलती चली गई वैसे- वैसे लोगों का वहां पर मजमा लगने लगा। पुलिस ने मौके पर ही चिकित्सकों को बुलाकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की और लावारिष लाष मानकर चिन्हांकित स्थान पर लाष को दफना दिया गया।