बाल विवाह : जिला बाल संरक्षण इकाई ने रोका 17 वर्षीय बालिका का विवाह...
Tue, Jul 1, 2025
सूरजपुर.जिला बाल संरक्षण इकाई ने 17 वर्षीय बालिका का विवाह होने से बचाया है।जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम लगातार बाल विवाह रुकवा रही है। वर्तमान प्रकरण में ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई कि एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका का विवाह रिस्तेदारो द्वारा उसके गांव से अन्यत्र उसकी बुआ के यहां ले जाकर विवाह कराया जा रहा है। जिसका सत्यापन आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक से कराने पर शिकायत की पुष्टि होने पर जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी गई, जिला कार्यक्रम अधिकारी रमेश साहू के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल के नेतृत्व में संयुक्त टीम जिला बाल संरक्षण इकाई, चाईल्ड लाईन, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस बालिका के बुआ के घर पहुची। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बालिका के साथ उनके परिजनों को समझाईस दिया गया और बताया गया कि इतनी छोटी बच्ची का विवाह नहीं होना चाहिए बच्ची कक्षा 8 वीं तक की पढाई की है। उसे अभी स्कूल में पढ़ाई कराया जाना चाहिए और 18 वर्ष की हो तभी विवाह किया जाये। बाल विवाह के दुष्परिणामो एवं कानुनो केे बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। समक्षाईस पश्चात मौके पर यह बाल विवाह न करने हेतु बालिका का कथन, पंचनामा, बुआ, फूफा का कथन तैयार किया गया। बाल विवाह हो जाने की शंका पर बालिका को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत करने हेतु पंचनामा बनाकर रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष के निर्देश पर सखी वन स्टाप सेंटर सूरजपुर में संरक्षित किया गया।
जांच के द्वौरान बालिका कि बुआ द्वारा यह बताया गया कि इसी मंडप में अपने बेटे का विवाह कर रहे है बालक के दस्तावेज की भी जांच की गई बालक की उम्र अभी 18 वर्ष पूर्ण नहीं हुआ है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि बालक को एक 26 वर्षीय महिला द्वारा 2019 से बहला फुसलाकर प्रेम संबंध स्थापित कर विवाह कर अपने साथ रख कर लैगिक शोषण किया गया है। जिससे महिला गर्भवती हो गई एवं एक बालक को जन्म दी है। परिवार वालो द्वारा बालक एवं महिला का घर मे पुनः विवाह कराया जा रहा है। बालक की उम्र अभी विवाह योग्य नहीं हुई है। उक्त प्रकरण में गीता लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की दोषी प्रतित होती है। जिस हेतु पंचनामा, गीता का कथन, बालक का कथन लिया गया। प्रकरण कार्यवाही हेतु लैगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 एवं बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम 2006 के तहत जांच कर अपराध कायम करने हेतु थाना प्रभारी भटगांव को पत्र जारी किया गया है।
सेवानिवृत्ति : एएसआई चन्द्रिका प्रसाद व एएसआई राजाराम हुए सेवानिवृत्त...
Tue, Jul 1, 2025
सूरजपुर. पुलिस विभाग में पदस्थ रहे एएसआई चन्द्रिका प्रसाद ने 41 वर्ष तथा एएसआई राजाराम ने 37 वर्ष तक लगातार अपनी सेवा देकर 30 जून 2025 को सेवानिवृत्त हुये। सोमवार को जिला पुलिस कार्यालय में दोनों सेवानिवृत्त अधिकारियों के विदाई समारोह का आयोजन किया गया जिसमें सेवानिवृत्त एएसआई के परिजन भी मौजूद रहे। विदाई समारोह में एसपी प्रशांत कुमार ठाकुर समेत कई पुलिस अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
विदाई समारोह को संबोधित करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि सेवा में आए है तो सेवानिवृत्त होना एक प्रक्रिया है। जब हम अपनी सेवा के दौरान अच्छे कार्य करते है, आमजनता के भरोसे पर खरे उतरते है, अच्छे कार्य कर दूसरों की समस्या का समाधान करते है तब हमारी एक अलग पहचान बनती है। पुलिस की सेवा में कई बार कठिन स्थिति का सामना करना पड़ता है वह हमें नई चीजे सिखाता है। उन्होंने कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद नई ऊर्जा के साथ एक नई शुरूवात करें। सेवानिवृत हुए दोनों एएसआई के अच्छे स्वास्थ्य एवं लंबी उम्र की कामना की। इस मौके पर डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने सेवानिवृत हुए एएसआई को साल-श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया और पेंशन स्वीकृति सहित देय स्वत्वों का भुगतान के आदेश सौंपा। इस दौरान सेवा निवृत्त हो रहे दोनों एएसआई द्वारा अपने सेवा के अनुभव को साझा किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो, सीएसपी एस.एस.पैंकरा, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, डीएसपी अनूप एक्का, रितेश चौधरी, रक्षित निरीक्षक, थाना प्रभारीगण, जिला पुलिस कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सेवानिवृत्त हुए एएसआई चन्द्रिका प्रसाद का सोमवार को जन्म दिवस होने पर उनके परिजनों की मौजूदगी में केक कटवाकर जन्मदिवस मनाया गया। इस दौरान डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर ने पुलिस परिवार सूरजपुर की ओर से एएसआई को जन्म दिवस की ढेरों शुभकामनाएं दी।
पहल : बर्थडे पर पुलिस जवानों को मिलेगी छुट्टी,मनाया जायेगा जन्मदिवस...
Tue, Jul 1, 2025
सूरजपुर. पुलिसकर्मियों को 24 घंटे सातों दिन काम करना होता हैै। काम की अधिकता और व्यस्तता के चलते कई बार उन्हें जरूरी होने पर भी छुट्टियां नहीं मिल पाती हैं, कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं कि भले ही उनका व्यक्तिगत कितना बड़ा काम क्यों न हो, उन्हें ड्यूटी पर आना ही पड़ता है। कई बार तो छुट्टी मिलने के बावजूद हालात को देखते हुए उन्हें अपनी छुट्टियां कैंसल करनी पड़ जाती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के सूरजपुर पुलिस ने जवानों व अधिकारी को उनके बर्थ डे वाले दिन उन्हें ड्यूटी से राहत देते हुए उन्हें छुट्टी अथवा परमिशन दी जायेगी। सोमवार को
एसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने थाना सूरजपुर में पदस्थ एएसआई नंदलाल सिंह व विवेकानंद सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर केक कटवाकर उन्हें पुलिस परिवार की ओर से जन्म दिवस पर दीर्घायु व उज्जवल भविष्य की कामना कर ढेरों शुभकामनाएं देते हुए इस योजना की शुरूवात की है।
श्री ठाकुर ने कहा कि पुलिस कर्मचारी 24 घंटे सातों दिन ड्यूटी पर तैनात रहते हैं, कई पुलिस जवान को अपने ड्यूटी के चलते अपना जन्मदिन तक याद नहीं रहता अथवा वे मना नहीं पाते। वहीं कुछ अपने घर परिवार से दूर ड्यूटी पर तैनात होने के चलते बच्चें के साथ अपना जन्मदिन सेलिब्रेट नहीं कर पाते। इसी के चलते उन्हें अपने पुलिस परिवार का अहसास दिलाते हुए उन्हें जन्मदिन मनाने और उस दिन उन्हें ड्यूटी से राहत देते हुए छुट्टी अथवा परमिशन देने की हरसंभव प्रयास रहेगा। इस कदम का उद्धेश्य पुलिसकर्मियों को उनके जीवन में महत्वपूर्ण दिवस पर राहत प्रदान करना है, अब से पुलिस अधिकारी व जवान अपने परिवार के साथ अपना जन्मदिन मना पायेंगे। इसके लिए थाना-चौकी प्रभारियों को भी निर्देश दिए गए है।