: निर्वाचन सामग्री प्रबंधन पर दल का प्रशिक्षण...
Sun, Oct 22, 2023
सूरजपुर.
विधानसभा निर्वाचन 2023 को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने हेतु जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार निर्वाचन सामग्री तैयार करने वाले विभिन्न दलों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला पंचायत सूरजपुर के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। जहां जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा नोडल अधिकारी श्रीमती शिवानी जायसवाल की उपस्थिति में प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया कि निर्वाचन में जुड़े अनेक अधिकारी, कर्मचारी एवं निर्वाचन कार्य के लिए निर्वाचन सामग्री तैयार की जाती है। जिसमें प्रमुख है मतदान दलों हेतु मतदान सामग्री का तैयार करना, नामांकन प्रक्रिया हेतु निर्वाचन सामग्री तैयार करना, ई.व्ही.एम एण्ड व्ही.व्ही.पेट के कमीशनिंग हेतु निर्वाचन सामग्री प्रदाय करना, सेक्टर ऑफिसर हेतु निर्वाचन सामग्री, ऑब्जर्वर और माइक्रो ऑब्जर्वर हेतु रिपोर्ट की तैयार, मतगणना हेतु निर्वाचन सामग्री तैयार किया जाना होता है।इस निर्वाचन में मतदान दलों को पोलिंग मटेरियल किट को कैनवास कॉटन बैग के अन्दर रख कर मतदान दलों को दिया जाना है। जिसमें पोलिंग मटेरियल किट के अन्तर्गत प्लास्टिक डब्बे में सभी स्टेशनरी सामग्री रहेंगे, कॉमन मटेरियल आइटम के अन्तर्गत 06 प्रकार के बूकलेट में विभिन्न प्रकार के फार्म को संकलित कर मतदान दलों को प्रदाय की जायेगी। जिसके सांविधिक प्रपत्रों के तीन बूकलेट होगे जो सफेद कलर के रहेंगे। इसी प्रकार असांविधिक प्रपत्रों के दो बूकलेट दिये जायेंगे जो पीले कलर के होंगे। इसी प्रकार मतदान प्रक्रिया में प्रयुक्त होने वाले 30 प्रकार के लिफाफे को बूकलेट के रूप में रखा गया है। इस व्यवस्था से मतदान दलों को दी जाने वाली मतदान दल सामग्री का मिलान आसानी से मतदान दलों द्वारा किया जा सकेगा। मतदान दलों को नम्बर वाले आईटम- ग्रीन पेपर सील, स्पेशल टैग, एड्रेस टैग , पिंक पेपर सील, सुभिन्नक मोहर, मतदान सूची की चिन्हित और वर्किंग प्रतियां, ई.व्ही.एम. और व्ही.व्ही. पेट की मशीने आदि पृथक से दिये जायेंगे। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ने बताया कि ये सभी मतदान सामग्रियों का सावधानीपूर्वक तैयारी कर मतदान दलों को दी जानी है। जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की प्रपत्र की कमी मतदान केन्द्र में न हो सके। मतदान समाप्ति उपरांत 06 मास्टर पैकेट में संग्रहित की जाने वाली निर्वाचन सामग्री के बारे में भी विस्तार से बताया गया। सेक्टर अधिकारी की मतदान दिवस के दिन रिपोर्ट, मतदान दल रवानगी की रिपोर्ट, मतदान केंद्र पर मतदान दल के सकुशल पहुंचने की रिपोर्ट, संचयी मतदान का प्रतिशत रिपोर्ट, ई.व्ही. एम एण्ड व्ही. व्ही. पेट फॉर्मेट रिपोर्ट इत्यादि के तैयार करने के संबंध में बताया गया। ई.व्ही.एम एण्ड व्ही.व्ही. पेट के कमिशनिंग के लिए प्रयोग में आने वाली सीलिंग सामग्री, एड्रेस टेग, पिंक पेपर सील आदि के बारे में बताया गया। निर्वाचन सामग्री तैयार करने वाले दलों को मतदाता सूची की चिन्हित प्रति तैयार करने के बारे में सामान्य प्रेक्षण द्वारा समय-समय पर आयोग को भेजे जाने वाले रिपोर्ट, माइक्रो ऑब्जर्वर का 18 बिंदुओं का रिपोर्ट तैयारी के संबंध में बताया गया।
: विज्ञापन जारी करने के पूर्व प्रमाणन लेना अनिवार्य...
Sun, Oct 22, 2023
सूरजपुर.
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचन 2023 के अभ्यर्थियों को समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया टीवी, पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब आदि में विज्ञापन जारी करने के पूर्व प्रमाणन लेना अनिवार्य है। जिले के लिए जिला स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति संयुक्त जिला कार्यालय भवन, कलेक्ट्रेट में संचालित है। संबंधित अभ्यर्थी अपने विज्ञापन को जारी करने के पूर्व उस विज्ञापन का प्रारूप, दस्तावेज के साथ वीडियो-ऑडियो क्लिप सीडी और पेनड्राइव दोनो में अपलोड कर कार्यालयीन समय में प्रमाणन के लिए संपर्क कर सकते है।
: विधानसभा निर्वाचन 2023....वीडियोग्राफी दल को दिया गया प्रशिक्षण...
Sat, Oct 21, 2023
सूरजपुर.
विधानसभा निर्वाचन 2023 को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से सम्पन्न कराने हेतु जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल के उपस्थिति में जिला पंचायत सभाकक्ष में वीडियोग्राफी दल को प्रशिक्षण दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा यह बताया गया कि निर्वाचन अवधि के दौरान अभ्यर्थी राजनैतिक दल द्वारा किये गये निर्वाचन व्यय की मॉनिटरिंग तथा आदर्श आचार संहिता का पालन को सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न दलों का गठन किया गया है। जिनमें से एक दल वीडियोग्राफर का है। वीडियोग्राफर को सभी महत्वपूर्ण घटनाओं का टाइम स्टेपिंग वीडियोग्राफी किया जाना है। जिससे अभ्यर्थी द्वारा किये गये निर्वाचन व्यय का सही-सही आकलन किया जा सके। जांच के दौरान वीडियोग्राफर को वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से किया जाना है। जब कभी जब्ती या संदिग्ध वस्तुए वाहन में पायी जाती है तो पूरी घटनाओं का सिलसिलेवार वीडियोग्राफी की जानी हैं। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर पी.सी. सोनी ने वीडियोग्राफर के कार्य और उत्तरदायी को विस्तार से बताया गया। उन्होंने कहा कि यदि फोटोग्राफर को निर्वाचन के प्रत्येक चरण का समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार वीडियोग्राफी की जानी है। वीडियोग्राफर को निर्वाचन के जिस चरण की वीडियोग्राफी की जानी है ये निर्वाचन की प्रक्रिया, वीडियो निगरानी दल के साथ, स्थैतिक निगरानी चल के साथ उठना दल के साथ प्रेक्षक महोदय के साथ विभिन्न प्रकार के होने वाले प्रशिक्षण निर्वाचन सामग्री का वितरण संग्रहण, मतदान दलों को रवानगी एवं वापसी स्ट्रांग रूम का विभिन्न अधिकारियों द्वारा निरीक्षण आदि की वीडियोग्राफी करनी होती है। जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ने बताया कि 21 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया प्रारम्भ हो रही है। जिसमें नामांकन दिवस में प्रातः 11 बजे से दोपहर 03 बजे तक नामांकन दाखिल किये जायेंगे। वीडियोग्राफर को इस अवधि में प्रतिदिन नामांकन प्रक्रिया होने के आधे घण्टे पूर्व रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में उपस्थित होकर उनके निर्देशन में वीडियोग्राफी करनी है। प्रतिदिन प्रातः ठीक 11 बजे कार्यालय में लगी घड़ी में फोकस करते हुए रिकार्डिंग प्रारम्भ की जायेगी। नामांकन का समय दोपहर 03 बजे समाप्त होने पर भी घड़ी पर फोकस करते हुए वीडियोग्राफी की कार्यवाही को निर्देशानुसार पूर्ण की जायेगी। नाम निर्देशन पत्र लेने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में आये प्रत्येक अभ्यर्थी एवं नामांकन दाखिल करते समय आये प्रत्येक अभ्यर्थी की नामांकन दाखिल घटना का वीडियोग्राफी की जानी है। नामांकन के अंतिम दिवस 02 बजे के बाद वीडियोग्राफर को लगातार नामांकन प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जानी है, जब तक की रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में 03 बजे तक अन्दर आये सभी अभ्यर्थी के नामांकन फार्म जमा करने की वीडियोग्राफी किया जानी है। वीडियो निगरानी दलों के साथ वीडियोग्राफर को अभ्यर्थी एवं राजनैतिक दलों की आम सभाए जुलूस तथा रैली के वीडियोग्राफी का कार्य किया जाता है। वीडियो रिकॉर्डिंग इस प्रकार से की जानी चाहिए कि निर्वाचन व्यय के सभी मदों जैसे मंत्र का आकार, टेंट स्वागत द्वार, माला, सजावट, जलपान, कुर्सियां माइक, लाईट, उपयोग किये गये वाहनों की संख्या मंच पर उपस्थित राजनेता, अन्य व्यक्ति आदि सभी को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड करना है। जिससे अभ्यर्थी द्वारा किये गये निर्वाचन व्यय की सटीक गणना किया जाना संभव हो सके। महत्वपूर्ण व्यक्तियों के भाषणों के उन अंशों का भी रिकार्ड किया जाना है, जिससे आदर्श आचार संहिता के उल्लघंन के मामलो का पता लगाया जा सके और नियमानुसार कार्यवाही किया जा सके। स्थैतिक निगरानी दल के साथ आपको चेक पोस्ट पर वाहनों की तलाशी की वीडियोग्राफी करनी है जिससे अवैध नगदी प्रलोभन संबंधित वस्तुएं शराब संदेहास्पद वस्तुएं, असामाजिक तत्वों की रिकार्डिंग हो सके। निगरानी दल द्वारा किये गये जांच एवं जप्ती प्रक्रिया की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी करनी है। इसी प्रकार उड़नदस्ता दल द्वारा विभिन्न स्त्रोतों से मिली शिकायतों की समय-समय में जांच की जाती है तो जांच की समस्त कार्यवाही की भी वीडियो रिकार्डिंग की जानी है। जिससे पुख्ता साक्ष्य हो सके। जब सामान्य प्रेक्षक द्वारा विभिन्न प्रकार की बैठकें मतदान दिवस पूर्व एवं मतदान दिवस के दिन भ्रमण किया जाता है, तो उन सभी क्रियाकलापों का वीडियो रिकॉर्डिंग की जानी है। वीडियोग्राफर को यह निर्देश दिया गया कि वीडियोग्राफी के समय, कर्तव्य पर उपस्थित होने पर हमेशा जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी किया गया फोटोयुक्त पहचान पत्र धारण किये हुए रखे। प्रशिक्षण में निर्वाचन व्यय निगरानी समिति के नोडल अधिकारी श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर अपर कलेक्टर सहायक नोडल अधिकारी, श्री अनिल बारी जिला कोषालय अधिकारी, श्री योगेश सिंह सहायक जिला कोषालय अधिकारी एवं निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।