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अजीबो-गरीब : कोदो फसल की मिसाई करते समय बैल हुए बेहोश, क्षेत्र में कई बार हो चुकी हैं ऐसी घटनाएँ

Pappu Jayswal

Thu, Nov 6, 2025

सूरजपुर. जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के खोहीर गाँव में गुरुवार को कोदो फसल की मिसाई करते समय किसान लोकनाथ सिंह के चार बैल अचानक बेहोशी हालत में खेत में गिर पड़े। किसान अपनी तैयार फसल को बैलों से मिसाई करा रहा था, तभी बैलों में नशे जैसे लक्षण दिखाई देने लगे और वे एक-एक कर जमीन पर गिर पड़े। ग्रामीणों द्वारा तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंचकर उपचार कर रही है। समाचार लिखे जाने तक किसी बैल की मौत नहीं हुई है, लेकिन चारों की हालत गंभीर बनी हुई है। ग्रामीण बुजुर्गों ने बताया कि कोदो की फसल में किसी भी प्रकार का कीटनाशक उपयोग नहीं किया जाता, बल्कि कोदो के पौधों और दानों पर पाए जाने वाले जहरीले कीड़े ही इसे विषैला बना देते हैं। इनके संपर्क में आने या खाने से बैल सहित अन्य पशु नशे जैसी स्थिति में पहुंच जाते हैं। इसी कारण ग्रामीण बचाव के तौर पर कई बार कोदो के दाने और परावत को आग लगाकर नष्ट करने को मजबूर होते हैं। ग्रामीणों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि यह कोई नई समस्या नहीं है। इससे पहले भी क्षेत्र में कई बड़ी घटनाएँ हो चुकी हैं। लगभग दो वर्ष पूर्व कोल्हुआ गाँव में चौकीदार राम जियावन पनिका के दो बैलों की मौत कोदो मिसाइल करने के तुरंत बाद हुई थी। तब भी ग्रामीणों ने पूरी फसल को आग लगाकर नष्ट किया था।

वहीं कछिया गाँव के सूई पाहरा स्थान में तीन से चार वर्ष पहले आधा दर्जन जंगली हाथी कोदो फसल खाने से 8 से 10 घंटे तक बेहोशी हालत में पड़े रहे थे। उस समय वन विभाग, पशु विभाग और जिला प्रशासन की टीम रातभर जुटी रही और लगभग 10 से 12 घंटे के उपचार के बाद हाथी सुरक्षित अवस्था में लौट पाए थे। ऐसी ही घटना रसोंगी गाँव में भी सामने आई, जहाँ एक जंगली हाथी को बेहोशी में पाया गया और इलाज के बाद उसकी जान बचाई गई। इन लगातार होती घटनाओं से ग्रामीणों में भारी दहशत है। उनका कहना है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों और पशुओं को बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से जहरीले कीड़ों की वैज्ञानिक जांच कर स्थायी उपाय करने की मांग की है। फिलहाल खोहीर गाँव में बेहोश चारों बैलों के इलाज पर नजर रखी जा रही है और किसान चिंतित हैं।

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