ब्रेकिंग

के बीच प्यासा किसान; नवगई और मोहरसोप केंद्रों में पेयजल का भारी संकट

बारातियों से भरी पिकअप पलटी, दो की मौत, कई घायल

प्रेमनगर स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला से छेड़छाड़, आरोपी वार्ड बॉय गिरफ्तार

9 साल की मासूम से दादा ने की दरिंदगी

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खाक, महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित ​

सूचना

: भीषण गर्मी व लू से बचाव के लिए, जिला प्रशासन सतर्क...भीषण गर्मी व हीट वेव से बचने के लिए करें उपाय... बच्चे व बुजुर्ग रखें अपना विशेष ध्यान...

Admin

Sat, Apr 20, 2024

सौरभ द्विवेदी 

सूरजपुर.  मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के तहत छत्तीसगढ़ राज्य सहित समस्त मध्य भारत में मार्च से मई 2024 तक सामान्य से अधिक तापमान होने की संभावना है। जिसके कारण प्रदेश के अधिकांश भाग भीषण गर्मी व लू से प्रभावित रहेंगे। ऐसे में हीट वेव ( लू तापघात) से निपटने के लिए जिला प्रशासन द्वारा योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा भीषण गर्मी से तैयारी एवं बचाव हेतु आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित विभाग एवं अधिकारियों को दिए गए हैं। बढ़ते हुए तापमान को देखते हुए कलेक्टर द्वारा नगरीय निकाय एवं ग्रामीण क्षेत्र के संबंधित अधिकारियों को पेयजल प्रबंधन पर विशेष फोकस करने के लिए निर्देशित किया गया है। जिले के समस्त स्वास्थ्य केंद्र में लू से प्रभावित मरीजों के परीक्षण एवं इलाज हेतु उचित प्रबंधन तथा लू या हीट वेव से बचने के उपाय का प्रचार प्रसार करने हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया गया है। कलेक्टर ने विद्युत वितरण कंपनी को प्राथमिकता वाले स्थान जिसमें अस्पताल व अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल शामिल हैं, निर्बाध बिजली व्यवस्था हेतु आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। ग्रीष्म ऋतु की इस अवधि में अग्निशमन विभाग को भी पर्याप्त संसाधन व कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित करने, सभी संचार उपकरण जिससे कि आगजनी से जुड़ी कोई भी घटना, संदेश या चेतावनी प्राप्त होनी है कि उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गए हैं। इसके साथ ही श्रम, शिक्षा, पशु चिकित्सा, परिवहन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वन, जल संसाधन इत्यादि विभागों को विभागवार उनकी संरचना एवं कार्य प्रणाली के अनुरूप आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि भीषण गर्मी के दुष्प्रभाव से बचने के लिए नागरिक दोपहर 12ः00 से 03ः00 बजे के समय सावधानी रखें, शरीर को डिहाइड्रेशन से बचायें और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें।

भीषण गर्मी व हीट वेव से बचने के लिए करें उपाय...- बच्चे व बुजुर्ग रखें अपना विशेष ध्यान...
अप्रैल से जून महीने के बीच में लू और अत्यधिक गर्मी की स्थिति के लिए भारत मौसम विभाग द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। मैदानी क्षेत्र में जब भी तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक हो जाता है तब लू या हीट वेव का असर दिखने लगता है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक जब कभी मैदानी इलाकों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक और पहाड़ी क्षेत्रों का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है तो लू चलने लगती है और यह स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। लू से उत्पन्न होने वाले मुख्य खतरे- गर्मी से थकावट और लू लगना, पर्याप्त पानी न पीना, शरीर का ज्यादा गरम होना, जो उन लोगों के लिए लक्षणों को बदतर बना सकता है जिन्हें पहले से ही दिल या सांस लेने में समस्या है, सिर दर्द होना, उल्टी आनी, तेज पसीना और झटका जैसा अनुभव होना, चक्कर आना, मांसपेशियों में ऐंठन होना। लू किसी को भी प्रभावित कर सकती है, लेकिन सबसे अधिक असुरक्षित वृद्ध लोग विशेष रूप से 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोग और महिलाएं जो अकेले या किसी देखभाल गृह में रहते हैं वे लोग जिन्हें हृदय या फेफड़ों की स्थिति, मधुमेह , गुर्दे की बीमारी या कुछ मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों सहित कोई गंभीर या दीर्घकालिक बीमारी है जो लोग कई दवाएँ ले रहे हैं, उन पर गर्म मौसम का बुरा प्रभाव पड़ने की संभावना अधिक हो सकती है लू से बचाव के लिए- साफ पानी ज्यादा पिये ताकि शरीर में पानी की कमी से होने वाली बीमारी से बचा जा सकें। हल्के, दीले ढाले सूती वस्त्र पहनें ताकि शरीर तक हवा पहुंचे और पसीने को सोख कर शरीर को ठंडा रखें। धूप में बाहर जाने से बचें, अगर बहुत जरूरी हो तो धूप के चश्मे छाता, टोपी एवं जूते या चप्पल पहनकर ही घर से निकलें। यात्रा करते समय अपने साथ बोतल में पानी जरूर रखें। गर्मी दिनों में ओआरएस का घोल का पियें। घरेलू पेय जैसे नींबू पानी कच्चे आम का पना, लस्सी आदि का प्रयोग करें। जिससे शरीर में पानी की कमी न हों। कार्यस्थल पर पीने के साफ पानी की समुचित व्यवस्था रखें।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें