ब्रेकिंग

के बीच प्यासा किसान; नवगई और मोहरसोप केंद्रों में पेयजल का भारी संकट

बारातियों से भरी पिकअप पलटी, दो की मौत, कई घायल

प्रेमनगर स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला से छेड़छाड़, आरोपी वार्ड बॉय गिरफ्तार

9 साल की मासूम से दादा ने की दरिंदगी

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खाक, महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित ​

सूचना

: बाल विवाह रोकने स्कूली छात्र व छात्राओं को किया जा रहा जागरूक...

Admin

Thu, Oct 24, 2024

सौरभ द्विवेदी

सूरजपुर.  जिले में बाल विवाह की रोकथाम  एवं युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान के तहत शासकीय आदर्श बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल द्वारा स्कूली छात्रों को नशा से होने वाले दुष्प्रभाव के संबंध में बताते हुए बताया गया कि  नशा व्यक्ति को अंदर खोखला कर देता है, नशा करने वाले व्यक्तियों को समाज में प्रतिष्ठा भी समाप्त होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी कमजोर हो जाता है। बच्चे अकसर शौक के कारण या दोस्तों के  संगत में रहकर नशा करने लगते है बच्चों को  नशे  से दूर रखने की आवश्यकता है क्योकि बच्चा एक बार  नशा   करता है  फिर बार-बार करने लगता है। जिससे निकल पाना उसके लिए मुश्किल हो  जाता है। इसलिए बच्चों को नशे से दूर रहना  चाहिए। यदि कोई बच्चों को नशा करता है या नशे का सामान बिक्री  करता है तो किशोर न्याय अधिनियम की  धारा 77 एवं 78 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया जा सकता है। जिसमें एक लाख रू. जुर्माना एवं सात साल तक की सजा का प्रवधान है। बाल विवाह के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है, लड़की की आयु 18 वर्ष व लड़के की आयु 21 वर्ष होने के बाद ही विवाह किया जाना चाहिए। यदि इस आयु से पहले विवाह किया जाता है तो वह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 तहत कानून अपराध माना जाता है। इसके साथ ही किशोर न्याय अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, बाल श्रम कानून, साइबर अपराध, इंटरनेट या डिजिटल उपकरणों का  सही इस्तेमाल, गुड टच व बेड टच में फर्क बताते हुए विस्तृत जानकारी दिया गया । इस अवसर पर उपस्थित सभी छात्रों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर जिला बनाने के लिए शपथ दिलवाया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन सूरजपुर के परियोजना समन्वयक कार्तिक मजूमदार ने चाइल्ड हेल्पलाइन टोल फ्री नं. 1098 सेवा के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया और स्कूली बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 में गुमशुदा, अनाथ, घर से भाग, भटके हुए, बीमारी बच्चे, बाल विवाह, बाल मजदूरी, मानव तस्करी, शोषित संबंधित बच्चों की समस्या दिखाने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 निशुल्क हेल्पलाइन नंबर में कॉल कर मुसिबत में फंसे बच्चों की मदद करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का मंच संचालन शा. आदर्श बालक उ.मा.वि. सूरजपुर के व्याख्याता ओम प्रकाष राजवाड़े द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल के साथ साथ परियोजना समन्वयक कार्तिक मजूमदार चाइल्ड हेल्पलाइन से टीम मेंबर श्री रमेश साहू, विद्यालय के स्टाफ सुनील कुजूर,  सुनील दत्त तिवारी, श्रीमती प्रियंका मिश्रा, श्रीमती शशिकला र्तिकी, श्रीमती रश्मि, शशि प्रभा श्रीमती आफरीन नाज, श्री मुकेष सिंह एवं बडी संख्या में छात्र व छात्राओं की उपस्थिति रही है।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें