: देवगढ़ धाम में 9 दिवसीय राम कथा का आयोजन...
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Wed, Mar 6, 2024
सौरव द्विवेदी
सूरजपुर. देवगढ़ में चल रही 9 दिवसीय श्रीराम कथा के आठवें दिन प्रवचन सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही। देवगढ़ की भूमि में पहली बार राम कथा का आयोजन हो रहा है। कथावाचक आशीर्वाद दास जी ने बताया कि राम कथा सुनने से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि भगवान की कथा सबको प्यारी लगती है। सब कुछ होने के बाद भी श्रीराम में अहंकार नहीं था। पिता के आज्ञा के पालन के लिए राजकाज धन वैभव ऐश्वर्य सब त्याग वनवास का रास्ता चुना। जीवन कैसे जिएं यह रामचरित मानस से सीखना चाहिए। श्रद्धालुओं को अपने जीवन में भगवान श्रीराम के आदर्शों व व्यक्तित्व को उतारने की बात भी कथा वाचक आशीर्वाद दास जी ने कही। भगवान हर जगह पूजे जाते है। रामकथा से हर तरह का दुख मिट जाता है। राम कथा की समाप्ति के बाद महाशिवरात्रि के दिन महारुद्र अभिषेक भी कराया जायेगा। जिसमे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं शामिल होगे है। राम कथा में शिव पार्वती विवाह, राम कथा महिमा, श्रीराम जन्म, बाल लीला, श्रीराम सीता विवाह, वनवास गमन, केंवट प्रसंग, भरत मिलाप, सबरी चरित्र, सुंदर काण्ड और राज्याभिषेक प्रसंग का शानदार वर्णन किया गया। लोग शाम 5 बजे से रात्रि कथा विश्राम तक संगीतमय श्रीराम कथा का आनंद उठा रहे है। इस आयोजन में काशी से आए विद्वान पंडितों पूजन आचार्य आदित्य पाण्डेय और अभय मिश्रा सहित यजमान विजय यादव, विजय पैकरा, गीता जी सहित देव टिकरा खमहरिया भदवाही कलचा, जामडीह सहित लखनपुर व उदयपुर के ग्रामीण रहे।
देवगढ़ मेला की तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे एसडीओपी, सीसी टीवी से निगरानी, भगदड़ से बचने लाइन में लगकर बाहर पात्र में होगा जलाभिषेक...
शुक्रवार 08 मार्च को शिवरात्रि के अवसर पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार देवगढ़ का दौरा कर तैयारियों का जायजा ले रही है। आज मंदिर परिसर में मेला आयोजन समिति और स्थानीय पदाधिकारियों सहित एसडीओपी ने तैयारियों के संबंध में व्यापक चर्चा किया है। चोरी और चैन स्नेचिंग की घटनाओं को रोकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हो इसके लिए अलग अलग जगहों पर सीसी टीवी कैमरा लगवाया गया है। महिला और पुरुषों के लिए अलग अलग लाइन की व्यवस्था की गई है, भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए लोगों को भीतर जाकर जलाभिषेक का अवसर नहीं मिलेगा बाहर लगे बड़े पात्र के माध्यम से ही इस बार देवगढ़ मंदिर में जलाभिषेक होगा। विदित हो की देवगढ़ मे विराजमान अर्धनारीश्वर शिवलिंग की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन दूसरे प्रदेशों से भी लोग यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर जलाभिषेक के लिए आते हैं। इसके लिए पार्किंग वीआईपी पार्किंग सहित सुव्यस्थित तरीको से दुकानों को लगाने के बारे में भी विचार विमर्श किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
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