: आत्मनिर्भरता: विद्या स्व-सहायता समूह ने कैंटीन का संचालन कर बने आत्मनिर्भर...
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Sun, Jan 12, 2025
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर. नगर में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत गठित विद्या स्व-सहायता समूह ने एक नई पहल करते हुए कैंटीन संचालन का कार्य शुरू किया है। यह कैंटीन न केवल स्वादिष्ट और किफायती भोजन उपलब्ध करा रही है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। समुह की अध्यक्ष राधा साहू ने बताया कि हम लोगो के द्वारा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्व रोजगार योजना घटक के तहत बैंक से ऋण प्राप्त कर कैंटीन संचालन का कार्य प्रारंभ किया जहाँ समूह की महिलाएं मिलकर भोजन तैयार कर रही हैं और ग्राहकों को परोस रही हैं। उनका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है। कैंटीन का संचालन पूरी तरह से समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें भोजन निर्माण, ग्राहक सेवा, और वित्तीय प्रबंधन शामिल है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह की इस पहल से महिलाओं को न केवल रोजगार मिला है, बल्कि वे वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में भी अग्रसर हो रही हैं। कैंटीन के माध्यम से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। विद्या स्व-सहायता समूह की सदस्य गीता सिंह ने बताया कि इस पहल से हमें अपनी पहचान बनाने का मौका मिला है। अब हम अपने परिवार का बेहतर तरीके से सहयोग कर पा रहे हैं।" इसके लिए मै प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सहित छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख़्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव का का आभार जताते हुए कहा कि इस योजना से समूह की महिलाओ को बड़ी सहायता मिल रही हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रभाकर शुक्ला ने बताया की नगरीय क्षेत्र के कम से कम 10 महिलायों को जोड़कर समुह का पंजीयन किया जाता है फिर उन्हें भारत सरकार की तरफ से सहायता के रूप दस हजार रुपये की आवर्ती निधि दी जाती है और निकाय द्वारा बैंक के माध्यम से समूहों को सशक्त बनाने के लिए योजना तहत बैंकों से ऋण दिलाया जाता है, जिसमे ब्याज की आंशिक सब्सिडी मिलती है, सूरजपुर नगरीय क्षेत्र मे 210 से अधिक समुह का गठन किया गया है जिसमे से बहुत सारे समुह उपरोकतानुसार लाभाविंत हो सशक्त हुए है। यह कैंटीन न केवल एक व्यवसाय है, बल्कि समाज में महिलाओं को सशक्त बनाने की प्रेरणा भी दे रही है। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से इस तरह के प्रयास देशभर में स्वावलंबन का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।
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