: नपा चुनावी सरगर्मी तेज, मतदाता पिछले चुनाव को नहीं भूल पाई...अध्यक्ष पद के 8 एवं पार्षद पद के 61 दावेदारों ने नाम निर्देशन पत्र ख़रीदे…
Admin
Fri, Jan 24, 2025
सौरभ
सूरजपुर. नगर निकाय चुनाव के नाम निर्देशन पत्र खरीदने के तीसरे दिन आज अध्यक्ष पद के लिए 08 एवं पार्षद पद हेतु 61 दावेदारों ने नाम निर्देशन पत्र ख़रीदे, तो वही नगर पालिका सूरजपुर के अध्यक्ष पद के एक नगर पंचायत अध्यक्ष पद के 07 एवं पार्षद पद हेतु 61 अभ्यर्थियों ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किया. नगर पालिका परिषद सूरजपुर से अध्यक्ष पद के लिए नाम निर्देशन का एक फॉर्म पुष्पलता साहू एवं पार्षद पद के लिए गैबीनाथ साहू,सुनील अग्रवाल,राजपाल कसेरा,पारसनाथ रजवाड़े,पुष्पलता साहू,राशी अग्रवाल,सैयद सलीम जावेद,सीमा सिंह,सुशीला सिंह,राजमती सिंह,अनुराग सिंह,ललिता तिवारी,प्रमोद अग्रवाल,पुष्पेन्द्र कुमार साहू,धर्मवीर टोप्पो,क्रांती,मुकेश गर्ग,प्यारे लाल,अंजली देवांगन,कौशल्या सिंह,लसिता सिंह,संजू सोनी,राधामुनी व बजरंग रजवाड़े ने फॉर्म लिया गया है।
नगर पंचायत बिश्रामपुर से पार्षद पद के लिए 02 फॉर्म, नगर पंचायत जरही से अध्यक्ष पद के लिए 02 फॉर्म तुलसी दास गुप्ता, विमला रजवाड़े व पार्षद पद के लिए 03 फॉर्म, नगर पंचायत भटगांव से अध्यक्ष पद के लिए 04 फॉर्म जिसमे अभिषेख श्रीवास्तव, बिरेन्द्र कुमार, सुखदेव राम, परमेश्वरी रजवाड़े व पार्षद पद के लिए 18 फॉर्म एवं नगर पंचायत प्रतापपुर से अध्यक्ष पद के लिए 01 फॉर्म मानती सिंह व पार्षद पद के लिए 14 फॉर्म नाम-निर्देशन के लिए पत्र प्राप्त किया गया। नाम-निर्देशन पत्र 28 जनवरी तक ख़रीदे और जमा किये जायेगे, 29 को नाम-निर्देशन पत्र की जाँच, नाम वापसी की तारीख 31 जनवरी को है और इसी दिन अध्यक्ष और पाषर्द का चुनाव लड़ने वालो उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह दिया जायेगा|
कांग्रेस और भाजपा ने अभी तक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का एलान नहीं किया है जबकि कौन कहा से लडेगा इसका संकेत जरुर दिया है दोनों ही पार्टियों में बगावतो आपसी फुट से बचने के लिए छुपे रुस्तम की तरह काम पर लगी है इससे जाहिर होती है कि कुछ भी असंभव नहीं है|
क्या बिके हुए उम्मीदवार फिर से चुनाव जीत पायेगे....
नगर पालिका परिषद् के चुनाव में मतदाताओ में खासा उत्साह है कौन कहा से लड़ रहा है बखूबी देख समझ रहा है, बराबर नजर बनी हुई है, कौन किसे प्रोजेक्ट कर रहा, किस पर दाव लगाया जाये मठाधीश लगे है| कठपुतलियो का कारोबार बन चूका है| चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मतदाता पिछले चुनाव को नहीं भूल पाई है आज भी उसकी याद करके पछतावा करती है, सवाल करती है क्या क्या बिके हुए उम्मीदवार फिर से चुनाव जीत पायेगे...? नपा के गुजरे कार्यकाल हर किसी को मालूम है| अलबत्ता फिर से वही पुनरावर्ती तो नहीं होगी|
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