: शीतला माता मंदिर का दो दिवसीय 16 वाँ वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया..पूजा अर्चना के लिए उमड़े श्रद्धालु... भव्य जागरण का हुआ आयोजन...
Admin
Mon, Mar 25, 2019
सूरजपुर-प्रतिवर्ष की भाति इस वर्ष भी मानेहरू महलवाला वाला परिवार के द्वारा संचालित शीतला माता मंदिर का 16 वाँ वार्षिक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मानहेरु माहलवाला परिवार के सुनील अग्रवाल(बॉबी) ने बताया कि पूर्वजों के समय से चली आ रही परंपरा अनुसार भिवाड़ी स्थित ग्राम मानहेरु मैं कुलदेवी माने जाने वाली शीतला माता की पूजा अर्चना कर परिवार में जन्म लेने वाले संतान का मुंडन संस्कार किया जाता है।
गौरतलब है कि पूर्वजों के अनुसार पूजा के दिन ठंडा खाने की परंपरा है यह त्यौहार फागुन माह में मनाया जाने वाला होली त्यौहार के बाद चैत्र माह के प्रारंभ में पहले सोमवार को बासौड़ा त्योहार के रूप में मनाया जाता है। जिसमें पति-पत्नी गढ़ जोड़े की गांठ लगाकर अपनी संतान के साथ माता शीतला की धोक लगाकर 1 दिन पूर्व बनाए ठंडे मीठे चावल का भोग लगाया जाता है। तत्पश्चात मुंडन संस्कार कार्यक्रम संपन्न होता है। बुजुर्गों के अनुसार भिवाड़ी स्थित मानहेरु मैं संतान का मुंडन संस्कार कराया जाता था। परंतु वर्ष 2004 में महलवाला परिवार के द्वारा मानहेरु से एक ईंट लाकर 23 मार्च 2004 को शीतला माता मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा किया गया।
इस संबंध में बुजुर्गों का कहना है कि मानहेरु ना पहुंच पाने वाले लोग सूरजपुर स्थित शीतला माता मंदिर में मुंडन संस्कार करा सकें। तब से लेकर 16 वर्षों से आज तक शीतला माता मंदिर में अनवरत पूजा अर्चना व मुंडन संस्कार का आयोजन होते आ रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को सुबह 7:00 बजे पूजा अर्चना व शीतला माता को चुनरी अर्पण, शीतला माता की धोक व मुंडन संस्कार तथा देर रात तक शीतला माता का जागरण व कीर्तन का आयोजन किया गया। कल मंगलवार को सुबह शीतला माता की धोक लगाने के साथ-साथ दोपहर में शीतला माता का भंडारा तथा शाम को पुनः शीतला माता की धोक के साथ समस्त धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए जाएंगे।

शीतला माता मंदिर के दो दिवसीय 16 वे वार्षिक उत्सव में सोमवार को बाहर से आए कलाकारों व म्यूजिकल ग्रुप के साथ-साथ मां कुदरगढ़ी सेवा परिवार की टीम द्वारा आकर्षक भजनों की प्रस्तुति दी गई। जिसमें देर रात तक श्रद्धालु झूमते-नाचते नजर आए। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं व बच्चों ने कीर्तन का भरपुर आनंद उठाया। इस दौरान आयोजन को सफल बनाने में लालचंद अग्रवाल, बैजनाथ अग्रवाल, गजानंद अग्रवाल, विष्णु राम अग्रवाल, शंकरलाल अग्रवाल, ज्ञानीराम अग्रवाल, विजय अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, गिरधारी लाल अग्रवाल, बांके बिहारी अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, प्रमोद अग्रवाल, राम अवतार अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, राजेश महलवाला, अनिल अग्रवाल, पवन अग्रवाल, महेश अग्रवाल, जितेंद्र अग्रवाल, सुनील अग्रवाल(बॉबी), हितेश अग्रवाल, पवन अग्रवाल, विकास अग्रवाल, कालीचरण अग्रवाल, आकाश अग्रवाल, नैतिक अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, संस्कार अग्रवाल व गौरव अग्रवाल सक्रिय रहे।
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