: कांग्रेस में घमासान..... जिलाध्यक्ष के इस्तीफे के बाद जारी नवीन जिला कार्यकारिणी पर उठ रहे सवाल, विंकी बाबा इस्तीफे पर कायम.......... प्रवेश गोयल
Admin
Tue, Aug 14, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले की तीनों विधानसभा सीटों में कांग्रेस के दावेदारी के मध्य जहां एक ओर पार्टी के दिग्गज नेताओं को सामंजस्य बनाकर सर्वानुमति से एक प्रत्याशी के नाम के चयन में पसीने छुट रहे है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विन्ध्येश्वर शरण सिंहदेव के इस्तीफे से पार्टी के अंदर मचे घमासान स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं।
गौरतलब है कि विगत 27 जुलाई 2018 को कांग्रेस जिलाध्यक्ष विन्ध्येश्वर शरण सिंह ने व्यक्तिगत कारणों से पद से इस्तीफा दे दिया है, इस इस्तीफे की खबर सार्वजनिक भी नहीं हो पाई थी कि इसी बीच गत 12 अगस्त को संभाग मुख्यालय से सूरजपुर जिले की नवीन कार्यकारिणी
घोषित कर दी गई, जिसमें पुनः जिलाध्यक्ष पद का दायित्व विंकी बाबा को ही दिया गया है। ऐसे में उनके इस्तीफे के मायने लगाने का दौर शुरू हो गया है। अगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विन्ध्येश्वर शरण सिंहदेव के द्वारा 14 अगस्त को किये गये फेसबुक पोस्ट की माने तो अभी भी वे इस्तीफे पर अडिग हैं और वे पारिवारिक और कृषि कार्य में व्यस्त रहने के कारण राजनीति के क्षेत्र से विमुख होने का कारण बता रहे हैं। जबकि राजनीति हलकों में इसके कई मायने लगा रहे हैं। प्रेमनगर विधायक के इशारे पर रामानुजनगर के ब्लाक अध्यक्ष को हटाने के साथ- साथ टिकिट की दावेदारी में पार्टी गाईड लाईन के विपरित ब्लाक अध्यक्षों का इस्तीफा लिये बगैर दावेदारी का आवेदन स्वीकार करने और कांग्रेस के एक विधायक के द्वारा संगठन के मध्य तालमेल बनाने की बजाय मनमानी पूर्ण तरिके से काम करना भी इस्तीफे का कारण हो सकते हैं।
नेता प्रतिपक्ष पारिवारिक सदस्य, उनसे कोई शिकवा नहीं
जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा और संभागीय स्तर पर जारी नवीन कार्यकारिणी सूची के संबंध में विन्ध्येश्वर शरण सिंहदेव ने बताया कि पार्टी और नेता प्रतिपक्ष से किसी भी प्रकार का कोई गिला शिकवा नहीं है, उन्हांने व्यक्तिगत व्यस्तता के कारण इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम से नेता प्रतिपक्ष को सौंप दिया है, हालांकि नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे को स्वीकार करने से मना कर दिया है इसके बावजूद वे स्वयं को राजनीति से अलग करने और पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। उन्हांने नवीन कार्यकारिणी के गठन और पुनः जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने के निर्णय को लेकर कहा कि उनसे सहमति नहीं ली गई है, वे इस्तीफे पर अडिग हैं और पूरी तरह से घर परिवार की जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहते हैं।
चुनाव का वक्त है काम करने वालों को मिले जिम्मेदारी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विंकी बाबा ने देवलोक से चर्चा करते हुए बताया कि वे घर परिवार की जिम्मेदारी संभालना चाहते हैं, वे कांग्रेस से अलग नहीं बल्कि राजनीति क्षेत्र से अलग हो रहे हैं, चुनाव के समय जिलाध्यक्ष का पद बड़ी जिम्मेदारी होती है ऐसे में पार्टी के द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तरिके से कर सके उसे यह जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। वे स्वेच्छा से यह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं, ताकि चुनाव के वक्त उनकी व्यस्तता का असर पार्टी के परिणामों पर न पड़े।
नेता प्रतिपक्ष पारिवारिक सदस्य, उनसे कोई शिकवा नहीं
जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा और संभागीय स्तर पर जारी नवीन कार्यकारिणी सूची के संबंध में विन्ध्येश्वर शरण सिंहदेव ने बताया कि पार्टी और नेता प्रतिपक्ष से किसी भी प्रकार का कोई गिला शिकवा नहीं है, उन्हांने व्यक्तिगत व्यस्तता के कारण इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नाम से नेता प्रतिपक्ष को सौंप दिया है, हालांकि नेता प्रतिपक्ष ने इस्तीफे को स्वीकार करने से मना कर दिया है इसके बावजूद वे स्वयं को राजनीति से अलग करने और पारिवारिक जिम्मेदारी निभाने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। उन्हांने नवीन कार्यकारिणी के गठन और पुनः जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने के निर्णय को लेकर कहा कि उनसे सहमति नहीं ली गई है, वे इस्तीफे पर अडिग हैं और पूरी तरह से घर परिवार की जिम्मेदारी पर ध्यान देना चाहते हैं।
चुनाव का वक्त है काम करने वालों को मिले जिम्मेदारी
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विंकी बाबा ने देवलोक से चर्चा करते हुए बताया कि वे घर परिवार की जिम्मेदारी संभालना चाहते हैं, वे कांग्रेस से अलग नहीं बल्कि राजनीति क्षेत्र से अलग हो रहे हैं, चुनाव के समय जिलाध्यक्ष का पद बड़ी जिम्मेदारी होती है ऐसे में पार्टी के द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तरिके से कर सके उसे यह जिम्मेदारी मिलनी चाहिए। वे स्वेच्छा से यह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं, ताकि चुनाव के वक्त उनकी व्यस्तता का असर पार्टी के परिणामों पर न पड़े।विज्ञापन
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