: महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी...सुषमा पैकरा
Sat, Aug 11, 2018
राजेश सोनी
सूरजपुर-महिला सशक्तिकरण की मिसाल कुछ ऐसा ही देखने को मिला है सूरजपुर जिले के छोटे से ग्राम रैसरा गाव मे,जहा पर जय मां कुदरगढी महिला स्वंम सहायता समुह की महिलाओ ने ब्रेड का उत्पादन के साथ पशुपालन कर अपनी आय मे ईजाफा किया, साथ ही साथ गाव मे शराब जैसी बुराईयो पर हल्ला बोल रखा है,समूह की महिलाओ की इस पहल से न सिर्फ उन्हे आर्थिक रुप से मजबुत किया है बल्कि सूरजपुर जिले को एक नई पहचान दी है!
सूरजपुर जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दुर प्राकृतिक सुंदरता से सराबोर ग्राम पंचायत रैसरा गांव,यहा 80 प्रतिशत आदिवासी कंवर जाति बाहूल्य गांव है यहा के लोेगो की आमदनी का मुख्य जरीया कृषि है, नये जिले निर्माण के बाद प्रसाशनिक पहल पर आजीविका मिशन के तहत महिला स्वंम सहायता का गठन किया गया,स्वंम सहायता समुह की महिलाओ को अच्छे कार्य के लिये उत्साहित करते हुये प्रशिक्षण दिया,जिसके फलस्वरूप जय मां कुदरगढी स्वंम सहायता समुह की महिलाओ ने ब्रेड का उत्पादन कर अपनी आय को बढाया साथ ही पशुपालन बकरी पालन कर महिला स्वंम सहायता समूह की महिलाये आर्थिक स्वावलंबन की ओर बढने लगी है!
जय मां कुदरगढी महिला स्वंम सहायता समूह की अध्यक्ष सुषमा पैकरा ने बताया कि जब वह इस गांव मे शादी होकर आई तो उनकी अर्थिक स्थिति काफी दयनिय थी जिसकी वजह से वह अपने दो बच्चो को खो बैठी साथ साथ वह खुद कोमा मे चली गई थी,कुछ दिनो बाद उनका स्वास्थ्य ठीक होने पर उनको महिला स्वमं सहायता समुह के बारे मे जानकारी मिलने पर वह 11 महिलाओ का समुह बनाकर बैक से 10 हजार लोन लिया,लोन के पैसे का उपयोग ब्रेड बनाने मे करने पर उनहे अच्छा खासा मुनाफा मिलने लगा! कल तक वह कच्चे के मकान मे रहती थी आज वह पक्के के मकान बनाकर अच्छा खासा करोबार कर रही है!सुषमा बताती है कि कल तक वह सौ रुपये के लिये तरसती थी,लेकिन आज उनकी किस्मत स्वंम सहायता समुह के माध्यम से बदल गई है आज वह लाखो रुपये की बात करती है उनको देखते देखते गांव 32 स्वंम सहायता बन गई है!
स्वंम सहायता समुह की महिलाओ ने गांव मे नशा के खिलाफ अभियान चलाकर ग्रामीणो को जागरुक किया तो अभी हाल मे स्वंम सहायता समुह की महिलाओ ने गांव के खेतो श्रीविधि तकनिक से धान की खेती करवा रही है जिससे कम बीज मे ज्यादा उत्पाद किया जा सके,इस विधि के द्वारा कम खाद मे ज्याद उत्पाद मिलता है इसके लिये बकायदा स्वंम सहायता की महिलाओ को टृेनिंग दिया गया है! जिलेे के परियोजना अधिकारी एच आर कंवर ने बताया कुदरगढी स्वंम सहायता समुह बहुत अच्छा कार्य कर रही है इनके द्वारा ब्रेड उत्पादन,पशुपालन,बकरी पालन के साथ श्रीविधि से खेती का काम कर रहे है श्रीविधि से धान की रोपाई जैविक दवाई उपयोग किया जा रहा है जिससे ज्यादा से ज्यादा उत्पादन हो सके,जिसके लिये स्वम सहायत समुह को कुषि कार्य करने के लिये ग्रिडर के साथ आवश्यक उपकरण दिए गए है!
: रामानुजनगर से देवगढ़ धाम पदयात्रा 16 अगस्त को, आयोजकों ने पूरी की तैयारी
Sat, Aug 11, 2018
प्रवेश गोयल
रामानुजनगर-
प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी ब्लॉक मुख्यालय रामानुजनगर में काँवरिया संघ रामानुजनगर के द्वारा देवगढ़ धाम कांवर पद यात्रा का आयोजन किया जा रहा है जो कि आगामी 16 अगस्त को प्रातः 4 बजे काँवरिया बंधु चांदनीचौक स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर से रवाना होंगे और त्रिवेणी संगम पतरापाली से जल भरकर देवगढ़ धाम स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक करेगें। जिसमे रास्ते मे एवं देवगढ़ में खाने पीने एवं भंडारे की व्यवस्था काँवरिया संघ रामानुजनगर की ओर से की गई है काँवरिया बन्धुओ के लिए भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन काँवरिया संघ रामानुजनगर की ओर से की गई है।
कांवर पदयात्रा के आयोजकों ने अधिक से अधिक संख्या में देवगढ़ धाम में स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक हेतु सभी से अपील की है 35 किमी की पद यात्रा विगत 17 सालो से लगातार जारी है, जिसमे मुख्य रूप से रामेश्वर प्रसाद दुबे, काशी प्रसाद सावरे, ऋषि दुबे, अमिताभ शर्मा, विवेक दुबे, नरेंद्र, बजरंग गुप्ता, बिहारी राजवाड़े, दीपक पटेल, रिकेश, संदीप, राजू गुप्ता एवं काँवरिया संघ के सदस्यों के द्वारा यह कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है जिसकी सारी तैयारी हो चुकी है।
: एक दिन चलने के बाद दो महीने से ख़राब है सोलर हैंड पम्प.. ग्रामीण परेशान
Sat, Aug 11, 2018
शमरोज खान
रामनगर - सूरजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत सरस्वतीपुर के आश्रित ग्राम रामपुर में क्रेडा विभाग द्वारा सोलर हैंडपंप दो माह पूर्व लगाया गया है, लेकिन ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि लगाने के एक दिन चलने के बाद ही सोलर नल खराब हो गया था, जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है..वहीं गांव के जिम्मेदार नागरिकों द्वारा इस मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को पूर्व में कई बार दिया गया, लेकिन उनके द्वारा कोई पहल नहीं किया जा रहा है, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।