: प्रेमनगर की चुनावी चर्चा..... भाजपा में टिकिट के दावेदार कौन...? किसने अपनाया दावेदारी का कौन सा तरीका.....? प्रवेश गोयल
Admin
Fri, Aug 3, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और जोगी कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता और सर्वेक्षण एजेंसी की आमदरफ्त के मध्य प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा से जुड़े नेताओं ने भी स्वयं को दावेदार के रूप में प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया है। कोई फेसबुक के माध्यम से दावेदारी कर रहा है, तो कोई सर्वे टीम को मैनेज कर खुद को मजबूत दावेदार साबित करने में लगा है। इतना ही नहीं दावेदारी करने वाले नेता केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रचार- प्रसार के बहाने मतदान केन्द्रों तक पहुंचकर दावेदारी की अलख जगा रहे है।
गौरतलब है कि जिले के प्रेमनगर विधानसभा सीट को लेकर स्थानीय भाजपा नेताओं के मध्य इन दिनों घमासान मचा हुआ है, कोई भी नेता यह तो सीधे- सीधे नहीं बोल पा रहा है कि मैं टिकिट का दावेदार हूॅ, लेकिन प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से विभिन्न अवसरों व मंचों से स्वयं को टिकिट का दावेदार साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। प्रेमनगर विधानसभा अनारक्षित सीट से अब तक दस दावेदार भाजपा की ओर से सामने आये है और इन सबकी दावेदारी ने पार्टी के लिए समर्पित कहे जाने वाले कार्यकर्ताओं को इस कदर बांट कर रख दिया है कि वे अब भाजपा के कम और व्यक्ति विशेष के कार्यकर्ता ज्यादा बनकर काम कर रहे है, जिसका खामियाजा दावेदारों के साथ- साथ पार्टी को भी निकट भविष्य में भुगतना पड़ सकता है।
कई दावेदार दायरे में और कई खुलेआम ठोक रहे ताल
फेसबुक की एक पोस्ट पर नजर डाले तो भाजपा जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू को पिछड़ा वर्ग कोटे से दावेदारों में नम्बर वन बताया गया है। भाजपा के एक वरिष्ठ जिला पदाधिकारी की इस पोस्ट पर अब तक पूर्व विधायक रेणुका सिंह को छोड़कर और किसी ने कोई आपत्ति भी नहीं जताई है, रेणुका सिंह ने तो इसे अनुशासनहिनता तक बता दिया। जबकि स्वयं जिलाध्यक्ष की भी इस खुली दावेदारी में मौन सहमति नजर आ रही है। इसी प्रकार क्षेत्र में दावेदारी का नया तरीका भी सामने आया, भाजपा के कुछ पदाधिकारी चुनावी सर्वेक्षण के लिए पहुंची एक टीम को सर्वे करने में सक्रियता के साथ मदद करते नजर आये और नेताओं के मध्य उस सर्वें टीम की सर्वेक्षण शैली पर भी सवाल उठे। खैर दावेदारी करने का अपना- अपना तरीका होता है, लेकिन अनुशासित कहे जाने वाली भाजपा में दावेदारी की ऐसी परम्पराओं का प्रचलन न होने के कारण फेसबुक के पोस्ट और मैनेज सर्वे रिपोर्ट को पार्टी फोरम पचा पायेगी इसमें संदेह है।
क्षेत्र में इन दावेदारों की है चर्चा
भाजपा कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान जो बातें सामने आई, उसके आधार पर पूर्व विधायक रेणुका सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बाबूलाल अग्रवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भीमसेन अग्रवाल, जिपं सदस्यद्वय भूलन सिंह, विजय प्रताप सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष थलेश्वर साहू संभावित प्रत्याशी हो सकते है। सभी के द्वारा क्षेत्र में बढ़ाई गई सक्रियता को देखने से भी यह स्पष्ट हो रहा है, लेकिन कुछ नेता ऐसे भी है जो दबे पांव अपनी दावेदारी प्रदर्शित कर रहे हैं, उनमें राज्य युवा आयोग के सदस्य विजय राजवाडे़, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रितेश गुप्ता, आदिवासी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन सिंह और अन्य का नाम शामिल है।
एक दावा ऐसा भी....
भाजपा की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर टिकिट की सूची में सिर्फ चार नाम होने का दावा कर दिया। उन्हांने दावेदारों की लम्बी सूची में से जिन चार दावेदारों को मजबूत बताया उनमें से एक दावेदार सामान्य वर्ग का है और एक पिछड़ा वर्ग से है। जबकि दो नाम अजजा वर्ग से संबंध रखते है। देवलोक किन्ही कारणों से इन चार नामों का खुलासा अभी नहीं कर पा रहा है, लेकिन अगली चुनावी चर्चा में इन चार नामों का भी उल्लेख अवश्य करेगा।
कई दावेदार दायरे में और कई खुलेआम ठोक रहे ताल
फेसबुक की एक पोस्ट पर नजर डाले तो भाजपा जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू को पिछड़ा वर्ग कोटे से दावेदारों में नम्बर वन बताया गया है। भाजपा के एक वरिष्ठ जिला पदाधिकारी की इस पोस्ट पर अब तक पूर्व विधायक रेणुका सिंह को छोड़कर और किसी ने कोई आपत्ति भी नहीं जताई है, रेणुका सिंह ने तो इसे अनुशासनहिनता तक बता दिया। जबकि स्वयं जिलाध्यक्ष की भी इस खुली दावेदारी में मौन सहमति नजर आ रही है। इसी प्रकार क्षेत्र में दावेदारी का नया तरीका भी सामने आया, भाजपा के कुछ पदाधिकारी चुनावी सर्वेक्षण के लिए पहुंची एक टीम को सर्वे करने में सक्रियता के साथ मदद करते नजर आये और नेताओं के मध्य उस सर्वें टीम की सर्वेक्षण शैली पर भी सवाल उठे। खैर दावेदारी करने का अपना- अपना तरीका होता है, लेकिन अनुशासित कहे जाने वाली भाजपा में दावेदारी की ऐसी परम्पराओं का प्रचलन न होने के कारण फेसबुक के पोस्ट और मैनेज सर्वे रिपोर्ट को पार्टी फोरम पचा पायेगी इसमें संदेह है।
क्षेत्र में इन दावेदारों की है चर्चा
भाजपा कार्यकर्ताओं से चर्चा के दौरान जो बातें सामने आई, उसके आधार पर पूर्व विधायक रेणुका सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बाबूलाल अग्रवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भीमसेन अग्रवाल, जिपं सदस्यद्वय भूलन सिंह, विजय प्रताप सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष थलेश्वर साहू संभावित प्रत्याशी हो सकते है। सभी के द्वारा क्षेत्र में बढ़ाई गई सक्रियता को देखने से भी यह स्पष्ट हो रहा है, लेकिन कुछ नेता ऐसे भी है जो दबे पांव अपनी दावेदारी प्रदर्शित कर रहे हैं, उनमें राज्य युवा आयोग के सदस्य विजय राजवाडे़, भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष रितेश गुप्ता, आदिवासी मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन सिंह और अन्य का नाम शामिल है।
एक दावा ऐसा भी....
भाजपा की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने के शर्त पर टिकिट की सूची में सिर्फ चार नाम होने का दावा कर दिया। उन्हांने दावेदारों की लम्बी सूची में से जिन चार दावेदारों को मजबूत बताया उनमें से एक दावेदार सामान्य वर्ग का है और एक पिछड़ा वर्ग से है। जबकि दो नाम अजजा वर्ग से संबंध रखते है। देवलोक किन्ही कारणों से इन चार नामों का खुलासा अभी नहीं कर पा रहा है, लेकिन अगली चुनावी चर्चा में इन चार नामों का भी उल्लेख अवश्य करेगा। विज्ञापन
विज्ञापन