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: नशा ही नशा है…! पैसा ही पैसा है….!

Admin

Sun, Feb 28, 2021

राजेश सोनी
सूरजपर- युवा देश का भविष्य कहे जाते अब यही युवा वर्ग नशे के गिरफ्त मे होकर नासूर बनते जा रहे है. जिले में बच्चे व युवाओं में बढ़ रहे नशे की लत की वजह से अब उड़ता सूरजपुर बनने लगा है. नगर में इन दिनों नगर के चौक चौराहों में नौजवान युवा नशे करते दिखना आम हो गया है. नगर में नजारा यह है कि सुनसान जगहो पर रिहायसी इलाको सहित गांव व रिंग रोड, छठघाट में लड़को का झुंड नशे करते हुए दिख जाएगा. यही वजह है कि शहर में अब आपसी रंजिश के चलते लाठी -डंडे तक चलाये जा रहे है. नशे के खिलाफ ना तो आबकारी विभाग किसी प्रकार की कार्यवाही की है ना ही पुलिस इसके प्रति गंभीर है बस कागजी कार्यवाही कर अपना दायित्व पुरी कर रहे है. जबकि नशेडियो में जिला मुख्यालय नशीली दवाईयो का गढ बना हुआ है. जहा से अवैध नशीली दवाईयो का बेखौफ कारोबार संचालित है।.नशीली दवाईयों में नाइट्रासन इसका उपयोग दिमागी चीजों के लिए किया जाता है. स्पासमों प्लस-इसका इस्तेमाल पेट दर्द के लिए किया जाता है. एल्प्राजोलम टेबलेट्स यह नींद की गोली है. इन सभी दवाईयों को बिना डॉक्टरी पर्ची के नहीं दिया जाता है. जिसके बावजूद इन युवाओं के पास यह गोलियां बहुत आसानी से पहुंच रहा है. तो वही एलप्रा जोलेम, कोरेक्स, कोडीन सिरप यह दवाई केवल डॉक्टर की पर्ची के आधार पर दी जाती है अलबत्ता यह दवाई बडे आसानी से उपलब्ध है नशेडियो में. ऐसा नही है कि पुलिस कार्यवाही नही करती. छोटे कारोबारी पर एक्का दुक्का कार्यवाही होती है जबकि बडे मगरमच्छ साफ बच निकलते है।
अवैध कारोबार का सूरक्षित ठिकाना बना मुख्यालय….
नगर में नशे के ठिकाने ऐसे है और पनाहगार भी अनेक है जहा पर नशे का करोबार बेखौफ संचालित है नशे के धुये में उडता सूरजपुर में मानपुर, बडकापारा,महुआपारा,कब्रिस्तानपारा,महगवां,पर्री,नमदगिरी सहित एक दर्जन से अधिक ठिकाने है जहा पर बेखौफ नशे के सौदागरो का दुकानदारी गुलजार है. तो वही जिला मुख्यालय से लगे ऐसे गांव है जहा पर नशेड़ियो का अडडा बना हुआ है चंदरपुर,नयनपुर,परसापारा सहित कुसमुशी, शिवप्रसादनगर,भवराही सहित कई गांव गुलजार आबाद है. जानकारी बताते है कि अवैध कारोबार को विशेष सरंक्षण प्राप्त है अवैध करोबार ना करे तो परेशानी. करे तो भी परेशानी बनी रहती है जिला मुख्यालय से लगे कई दुकानदार ऐसे है जिन्हे अवैध कारोबार करने के लिये लगाम लगाने वाली संस्था के लोग खुद प्रेरित करती है. यहा तक की पैसा भी देती धंधा करने के लिये. बस उन्हे तगडा महिना मिलना चाहिये अगर मना कर दे तो उन्हे कोतवाली का चक्कर लगवाये जाते है फर्जी केस बना कर जेल भेजने की धमकी दिया जाता है। बहरहाल इन दिनों नशे की लत के चलते आपसी रंजिश को बढ़ावा हो रहा है चौक चौराहों में गाली गलौज धमकी चमकी गुटबाजी के चलते नगर में बड़ी घटना की आशंका जताई जा रही है।

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