: इस थाने में महिला संबंधी अपराध नही दर्ज की जाती…लगातार विवादो में रहने की आदत हो गई…..एक दर्जन से ज्यादा लोगो ने दो महिलाओं को पीटा….दो दिन बाद भी दर्ज नहीं किया केस….
Admin
Mon, Aug 30, 2021
राजेश सोनी
सूरजपुर. जिले की बिहरपुर चांदनी पुलिस की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में घिरती नजर आ रही है. पूर्व में सामूहिक दुष्कर्म का मामला हो या वर्तमान में सामूहिक मारपीट की शिकार महिला की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने का मामला सामने आते जाते रहता है. तो वही एक दिन पहले भी इसी थाने के एएसआई से मारपीट करने का आरोप भी थाना प्रभारी पर लग चुका है इसके बावजूद भी आलम यह है कि उच्च अधिकारी फोन उठाना भी जरूरी नहीं समझते. समझा जा सकता है की किस तरह जिले में कानून व्यवस्था चल रहा है. जिले के सीमावर्ती क्षेत्र चांदनी-बिहारपुर पुलिस लगातार विवादो में रहने की आदत हो गई है. यहां अपराध दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को दर-दर भटकना पड़ रहा है. पूर्व में महिला से दुष्कर्म के मामले में पीड़िता दो दिनो तक चक्कर लगाती रही. वहीं अब 28 अगस्त को खालपारा में पंडो समाज के एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने एक अन्य समाज के व्यक्ति के घर में घुसकर दो महिलाओं पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया. हमले से बच कर निकले रामप्रसाद ने थाने में फोन कर जानकारी देने पर पुलिस पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार हो गए. लिहाजा पुलिस ने थाने आकर अपराध दर्ज कराने को कहा, लेकिन मारपीट से बेहोश फूलमति व गंभीर रूप से घायल सोनमति को परिजन किसी तरह बिहारपुर स्वास्थ केन्द्र ले गए जब रात में राम प्रसाद के माता-पिता अपराध दर्ज कराने थाने पहुंचे तो वहां से उन्हे टाल मटौल कर चलता कर दिया. दूसरे दिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर घायल सास-बहू को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहीं दुसरी ओर घर में घुसकर जानलेवा हमले से राम प्रसाद के परिजन भयभीत हैं। घटना के दो दिन गुजर जाने के बाद भी अभी तक अपराध दर्ज नहीं किया गया है इसके लिए पीड़िता के पति ने 181 पर मदद की गुहार लगाई लेकिन, वहां से जवाब मिला कि संबंधित थाना के प्रभारी का कहना है कि पीड़ित किसी तरह की कार्रवाई नहीं करना चाहती है परेशान परिवार ने महिला हेल्प लाईन से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत की है.
जनशिविर चौपाल की बातें सिर्फ भाषणों तक
जिले में पुलिस विभाग की ओर से जगह-जगह जनशिविर चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है लेकिन थाने में एएसआई की पिटाई का मामला हो या अपराध नहीं दर्ज करने का मामला हो. हर जगह पुलिस के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है.
मारपीट का यह मामला आया सामने
घायल के पति रामप्रसाद ने बताया कि फूलमति पंडो का विवाह 5 साल पहले आरोपी पक्ष के युवक के साथ हुआ था लेकिन संतान नहीं होने के कारण वह पति को छोड़कर सामाजिक रीति रिवाज व पंचायत की सहमति से एक सप्ताह पहले रामप्रसाद के साथ रहने लगी थी. जिसके लिए समाज की पंचायत में आपसी रजामंदी की लिखा पढ़ी भी हुई. इसके बाद पहले पति ने 30 हजार रुपए की मांग करते हुए बताया कि समाज में खर्चा करना है रुपयों के लिए वह दबाव बनाने लगा. फूलमति ने जब रुपए देने से इंकार कर दिया तो आरोपियों ने हमला कर दोनों को घायल कर दिया.
इस पुरे मामले में चांदनी-बिहारपुर थाना प्रभारी से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई लेकिन उनसे संपर्क नही हो सका. जिससे उनका पक्ष ज्ञात नही हो सका.
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