: स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराने के दावे पर कई सवाल
Sun, Jun 10, 2018
रितेश तम्बोली
नारायणपुर-सरकार राज्य में अच्छी स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराने के लाख दावे करे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बया कर रही है इसका जीता जागता उदाहरण नारायणपुर जिले में देखने को मिला | जिला मुख्यालय में संचालित 30 बिस्तर वाला आयुष पाली क्लीनिक पिछले 4 साल से पुराना नगरपालिका के भवन में संचालित किया जा रहा, वही ग्रामीण इलाको में संचालित आयुर्वेद औषधालय का भी बुरा हाल है, जिसकी सुध लेने कि फुर्सत सरकार को नहीं है ऐसे में स्वास्थ सुविधा उपलब्ध कराने के सरकारी दावो पर कई सवाल खड़े हो रहे है गोरतलब है कि
नारायणपुर जिले में ग्रामीण इलाको में सन 1983 से 7 गावो में आयुर्वेद औषधालय का संचालन किया जा रहा है जिसमे से 4 गावो में भवन के अभाव में आगनबाडी या फिर किराये के मकान में औषधालय का संचालन किया जा रहा है, बचे 3 आयुर्वेद औषधालय का भवन जर्जर और बदहाल हो चूका है | बदहाल आयुर्वेद औषधालय में पदस्थ कर्मचारियों को साप बिच्छु और बदहाल भवन के गिरने का डर हमेशा बना रहता है!
ये तो रही बात ग्रामीण इलाको में संचालित आयुर्वेद औषधालय कि अब बात करते है जिला मुख्यालय में 2014 से संचालित 30 बिस्तर वाला आयुष पाली क्लीनिक जो कि वर्तमान में नगरपालिका के 3 कमरे के पुराने भवन में संचालित किया जा रहा है जहा पर 30 बिस्तर कि सुविधा उपलब्ध नहीं है, साथ ही यूनानी और होमियोपैथी चिकित्सक भी नदारत है!
वही इस पुरे मामले में जब हमने जिला आयुर्वेद अधिकारी से बात कि तो उनका कहना है कि इस संबंध में संचालक को पत्र लिखा गया है लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए है जो कही ना कही स्वास्थ सुविधा कि पोल खोल रहे है,एक तरफ
प्रदेश कि रमन सरकार भले ही विकासयात्रा करके लोगो का दिल जितने में कामयाब हो रही हो लेकिन जिले में स्वास्थ सुविधा को लेकर रमन सरकार कितनी गंभीर इसका अंदाजा यहाँ के आयुर्वेद चिकित्सा को देखकर लगाया जा सकता है ?
: भ्रम में न रहें अमित शाह, पूरे देश के नतीजे बता रहे हैं कि भाजपा उखड़ रही है : भूपेश बघेल
Sun, Jun 10, 2018
रायपुर-
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा है कि कांग्रेस को उखाड़ने का जुलमा फेंकने वाले आज खुद उखड़ रहे हैं. गोरखपुर, फूलपुर, कैराना से लेकर छत्तीसगढ़ के स्थानीय निकायों के चुनावों तक के सारे नतीजे बताते हैं कि भाजपा को जनता ही उखाड़ फेंक रही है. कांग्रेस को समूल उखाड़ने की बात पर उन्होंने पूछा कि क्या अमित शाह झीरम-2 की धमकी दे रहे हैं?
छत्तीसगढ़ के प्रवास पर आए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा है कि बेहतर होगा कि सहयोगी दलों के दर पर गिड़गिड़ाते घूम रहे अमित शाह भाजपा की चिंता करें कि अगले चुनाव में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में उनकी पार्टी का क्या हश्र होने वाला है. भूपेश बघेल ने कहा है कि इन तीन प्रदेशों के बाद लोकसभा में नरेंद्र मोदी की फ़ज़ीहत को अमित शाह कैसे बचाएंगे यह सोचें।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “तड़ीपार रहे और हत्या के आरोपी अमित शाह कांग्रेस को समूल उखाड़ने की धमकी दे रहे हैं तो क्या इसे झीरम-2 की धमकी की तरह देखा जाना चाहिए? क्योंकि उनके मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पिछले चुनावों में कथित नक्सली हमले की आड़ में एक साथ 13 कांग्रेस नेताओं की हत्या का षडयंत्र रचा था. ” बघेल ने कहा कि तब भी रमन सिंह ने सोचा होगा कि कांग्रेस समूल ख़त्म हो गई लेकिन कांग्रेस जन-जन की पार्टी है और इस तरह के कुचक्रों से कभी ख़त्म नहीं होगी।
राहुल गांधी से चार पीढ़ियों का हिसाब मांगने की शाह की बात पर भूपेश बघेल ने कहा है कि मोतीलाल नेहरू अपनी वकालत छोड़कर आज़ादी की जंग में कूद गए, जवाहर लाल नेहरू आज़ादी की लड़ाई में 10 साल जेल में रहे, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपनी जान गवां दी, ऐसी चार पीढ़ियों पर तो हर कांग्रेसी को गर्व है. उन्होंने पलटवार करते हुए पूछा कि अमित शाह अपराध की जिस धारा से आकर अध्यक्ष बने हैं वह भाजपा की ही परंपरा है। वहीं अध्यक्ष घूस लेते पकड़ा जाता है और वहीं हत्या का आरोपी अध्यक्ष बन जाता है।
भाजपा सरकार की योजनाओं की सूची पढ़े जाने पर भूपेश बघेल ने अमित शाह को चुनौती दी कि चाहें तो 14 जून को वे अपनी सूची प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दे दें और वे चलें राजनांदगांव के सुरगी और भोथीपार खुर्द गांवों में और खुद देख लें इन योजनाओं का हश्र। उन्होंने कहा कि इनमें से एक गांव मुख्यमंत्री रमन सिंह का गोद ग्राम है और दूसरा उनके सांसद बेटे का गोद ग्राम. अगर इन दोनों गावों में ग्रामीण परेशान हैं तो पूरे छत्तीसगढ़ का हाल समझा जा सकता है।
: नहीं थम रहा है किसानो का आत्महत्या
Fri, Jun 8, 2018
पेंड्रा
- गौरेला थानाक्षेत्र के पिपरिया गांव में रहने वाले किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लिया।मृतक के परिजनों ने किसान के आत्महत्या के पीछे सहकारी बैंक से लिए गए कर्ज को पटाने का दबाव और बार बार बैंक के नोटिस से परेशान होकर फांसी लगाये जाने की बात कही है।वही पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है।दरअसल किसान सुरेश मराबी पिता निरंजन सिंह गौरेला थानाक्षेत्र के पिपरिया गांव का रहने वाला है और उसका ससुराल पेंड्रा के कुदरी गांव में है जहा वह कुछ दिनों से रह रहा था, बीती रात कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया,ससुराल वाले काफी समय तक समझ नही पाये पर अंदर से कोई आहट नही मिलने पर अंदर देखा तो सुरेश का शव फांसी के फंदे में झूल रहा था। जिसके बाद घटना की जानकारी आसपास के लोगों को दी गयी।
1 लाख 12 हजार का कर्ज,सुखा मुआवजा राशी 13 हजार रूपये मात्र
सुरेश की 4 बेटियां और पत्नी,दो छोटे भाई,और माँ है उनकी पत्नी भागमती मराबी और भाई मोहन मराबी ने भाई सुरेश के आत्महत्या किये जाने का कारण किसान सेवा सहकारी समिति लरकेनी समिति से 120000 रुपए कर्ज लिया था. परंतु पिछले 4 सालों में यह कर्जा बढ़कर लगभग 170000 हो गया था कर्ज में लिए जाने की बात बतलाई और क्षेत्र में लगातार पिछले 4 सालों से पड़ रहे सूखा,और मुआवजा भी नही मिलने और बार बार बैंक का नोटिस आने के चलते मानसिक रूप से परेशान था, साथ ही
शासन द्वारा दिये सूखा राशि 13000 रुपये का भुगतान के लिए बार बार बैंक का चक्कर लगा रहा था
परन्तु 15 दिनों से चक्कर लगा कर किसान सुरेश काफी परेशान हो गया था वही कर्ज के बोझ से एक बार पहले भी सुरेश ने आत्महत्या करने की कोशिश की पर 4 बेटियों के होने और परिवार के समझाने से समझ गया था पर अंदर ही अंदर सुरेश काफी परेशान था।और आखिरकार हताश होकर अपने ससुराल में मौका पाकर आत्महत्या कर लिया! पेंड्रा पुलिस शव को अपने कब्जे में ले मर्ग कायम कर शव का पंचनामा कार्यवाही उपरांत शव को परिजनों को सोप दिया ।वही मामले में अब तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मृतक के गांव नही पहुचा!