: चिकित्सक के अभाव में पेट में दर्द से पीड़ित मरीज ने तोड़ा दम
Tue, Jun 12, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के ओड़गी विकासखण्ड मुख्यालय में 4 एमबीबीएस चिकित्सकों की पदस्थापना होने के बावजूद मुख्यालय में एक भी चिकित्सक नहीं रहते, दो आरएमए चिकित्सक के भरोसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को छोड़ दिया गया है, परिणाम स्वरूप सांवारावां से उपचार के लिए पहुंचे पेट दर्द से पीड़ित 60 वर्षीय ग्रामीण की उपचार के अभाव में मौत हो गई।
गौरतलब है कि ओड़गी विकासखण्ड मुख्यालय में चार एसबीबीएस चिकित्सक समेत आरएमए चिकित्सकों की भी नियुक्ति वहां की भौगोलिक विषमताओं और वनांचल क्षेत्रों को देखते हुए की गई, लेकिन मुख्यालय में निवास बनाकर न रहने से इतनी संख्या में चिकित्सकों की नियुक्ति का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सोमवार को सांवारावां ग्राम निवासी मंगल साय आत्मज बुल्लूराम खैरवार 60 वर्ष अपने रिष्तेदार के यहां चपदा गया था, जहां उसके पेट में दर्द होने पर उसे ओड़गी चिकित्सालय में उपचार के लिए लाया गया था, लेकिन यहां एक भी एमबीबीएस चिकित्सक नहीं मिले, आरएमए चिकित्सकों के द्वारा जब तक उपचार शुरू किया जाता तब तक मंगल साय की उपचार के अभाव में मौत हो गई।
खुद बीएमओ नहीं रहते मुख्यालय में
ओड़गी के जनपद सदस्य राजेष तिवारी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ बीएमओ डॉ प्रमोद राठौर एवं डॉ राकेष सिंह सूरजपुर जिला मुख्यालय में निवास बनाकर रहते है, जबकि डॉ मनीष मिश्रा लम्बे समय से अवकाष पर है और डॉ खान अपने गृहग्राम पटना से जाना आना करते है। इतने बड़े विकासखण्ड की जिम्मेदारी आरएमए चिकित्सक शांतनू कुषवाहा और मैरी ममता पर छोड़ दी गई है। गंभीर मरीजों के मामले में इनके द्वारा उपचार योग्य होने के बावजूद रेफर कर दिया जाता है।
मुख्यालय में रहना तय करे चिकित्सक
क्षेत्र के जनपद सदस्य राजेष तिवारी ने मंगल साय की उपचार के अभाव में मौत होने के बाद सीएमएचओ डॉ एसपी वैष्य से चर्चा की और वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए तहसील मुख्यालय में चिकित्सकों को आवास बनाकर रहना सुनिष्चित करने की मांग की है ताकि देर- सबेर कभी भी उपचार की आवष्यकता पड़ने पर चिकित्सक उपलब्ध रहें। उपचार के अभाव में और किसी मंगल साय की मौत न हो।
: 60 जंगली हाथियों का दल एक महीने से चांदनी बिहारपुर क्षेत्र मे डाला हैं डेरा
Mon, Jun 11, 2018
पप्पू जायसवाल बिहारपुर
सुरजपुर-सूरजपुर जिले के दुरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहारपुर वन अंचल क्षेत्र में जंगली हाथियों ने 1 महीने से डेरा डाला हुआ हैं साथ ही हाथियों ने कई बच्चो को जन्म दिए हैं
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दिनों तेंदूपत्ता तोडाई के दौरान लगभग जंगल में 60 हाथियों का झुंड देखने के लिए मिला जिसमें 6 छोटे-छोटे बच्चे थे, यह जंगली हाथी
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों जमे हुए है। हलाकि अभीतक तक जंगली हाथियों द्वारा कोई क्षति नहीं पहुंचाया जा रहा है अनुमान लगाया जा रहा हैं की हाथी जंगल में रहकर बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं तो वही बिहारपुर क्षेत्र में भारी सख्या मे जंगली हाथियों को देखे जाने पर भय का माहौल बना हुआ है!
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बीट गार्ड ने बताया की
हाथी के समूह के विचरण चाँदनी बिहारपुर के
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर के पार्क परिक्षेत्र रिहंद अन्तर्गत सर्किल मोहरसोप छतरंग सिमा लाइन वन परिक्षेत्र बिहारपुर की सीमा लाइन में विचरण करते हुए शांति से अपना जीवन यापन कर रहे हैं किसी भी प्रकार का क्षति व्यहार नही दिखा रहे है जगली हाथी!
इसके पीछे का कारण यह हैं कि
- युपयुक्त आवास स्थल
- भोजन पानी की पर्याप्त मात्रा होना
- यह स्थान नम उपयुक्त आच्छादित क्षेत्र का होना जिसमे छिप कर अपने वंस वृद्धि करते है
- वर्तमान में यह 32 की संख्या में देखे गए है
- जिसमे कई बच्चे है
गोरतलब हैं कि यह समूह पिछले 4 साल से तमोर पिंगला अभ्यरण से गोंड बटी सर्किल रमकोला से रेंड नदी पार कर गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर रेहन्ड रेंज के सर्किल मोहरशोप रेंज में प्रवेश करते है और पुरे गर्मी में यह रेहन्ड बीट, मोहरसोप बीट, बरंगा बीट में निवास करते है और रेड़ नदी में बरसात लगने से पहले पार कर जाते है उन क्षेत्र में उन हाथी समूह से अभीतक कोई गंभीर समस्या उत्पन्न नही हुआ है
लेकिन हाल में उनके समूह सदस्यों के द्वारा रेहन्ड बीट अंतर्गत ग्राम कछिया में दो महिला को पैर से कुचल कर मार डाला तथा फसल की हानि किए ग्राम नौडिहा,भगबर्दा,कछिया,मोहरसोप, बसनारा खैरा जुडवानीया रामगढ रसौकी लुल महुली हैं।
: शहर में बच्चा चोर की सक्रियता की फैली अफवाह
Mon, Jun 11, 2018
वायरल मैसेज और अफवाह की जांच के लिए जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से की मांग
प्रवेश गोयल
सूरजपुर-
मध्यप्रदेश के शहडोल और छत्तीसगढ़ के चिरमिरी में बच्चों को पकड़कर उसके कलेजे और किडनी निकालने की फैली अफवाह का असर बीती रात सूरजपुर में भी दिखाई दिया, नगर के वार्ड क्रमांक 7 में बच्चे पकड़ने वाले गिरोह आने की अफवाह से पूरी रात वार्ड वासी चिंतित रहे और अपने-अपने घर के सामने लाठी डंडा लेकर रतजगा करते रहे।
गौरतलब है कि WhatsApp और सोशल मीडिया में अफवाह तेजी से फैल रही है कि क्षेत्र में बच्चे पकड़ कर उनकी किडनी और कलेजे को निकाल लेने वाला गिरोह सक्रिय है लेकिन इस बात की पुष्टि कहीं नहीं हो रही है पुलिस प्रशासन भी इसे एक सिरे से नकार चुका है इसके बावजूद नगर के वार्ड क्रमांक 7 एवं वार्ड क्रमांक 12 में इस अफवाह को लेकर वार्ड वासी सकते में है शाम 7 बजे के बाद लोग घर से निकलने से परहेज कर रहे हैं, अपने बच्चों को घर से बाहर न जाने देने के लिए सारे जतन और उपाय कर रहे हैं। बीती रात वार्ड क्रमांक 7 में एक गजब का नजारा देखने को मिला, समूचे वार्ड वासी संगठित होकर मैदानी इलाके में खड़े हो गए और बताए कि कुछ संदिग्ध लोग यहां आए थे 4 की संख्या में थे और बच्चों पर उनकी नजर भी देखने में भयानक और आंखें डरावनी थी, जैसे ही यह खबर वार्ड में फैलने लगी वैसे ही लोगों का मजमा वहां लगने लगा, लोग तो अपने घर के सामने डंडे लाठी और हथियार लेकर डटे रहे, रात भर यह नजारा वार्ड नंबर 7 में देखने को मिला।
यहां के पार्षद और नेता प्रतिपक्ष गॆविनाथ साहू ने बताया कि मंडी रोड में एक महिला दुकान का संचालन करती है उसकी दुकान में दरवाजा खुलवा कर कुछ संदिग्ध लोग सामान लेने का बहाना बनाया और इधर उधर जाने लगे जिसकी सूचना उसने आस-पास के लोगों को दी, लोगों ने उन लोगों का पीछा किया लेकिन वह भागने में सफल हो गए उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी और मौके पर पुलिस टीम भी पहुंची उन्होंने स्थानीय वार्ड वासियों को समझाइश दी और मोबाइल नंबर साझा किया कि यदि वार्ड में किसी भी प्रकार के संदिग्ध लोग घूमते हैं तो इसकी सूचना तत्काल दें।
प्रशासन को साफ करनी चाहिए स्थिति
क्षेत्र में बच्चा चोर गिरोह के सक्रिय होने और उस गिरोह के द्वारा शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को निकालकर बच्चों को मौत के घाट उतार देने से संबंधित WhatsApp मैसेज और फोटो व वीडियो वायरल होने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है इन माहौल से सशंकित क्षेत्रवासी रतजगा करने के लिए मजबूर है ऐसे में इस वायरल मैसेज के सच की जांच करना प्रशासन का कर्तव्य है नगरपालिका के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन को इसके लिए जागरूकता अभियान चलाना चाहिए और वायरल का सच क्या है इसे स्पष्ट करना चाहिए लोगों के अंदर भय का वातावरण निर्मित हो रहा है और इस भय को खत्म करना शासन-प्रशासन का कर्तव्य है।
वायरल का सच लाए जनता के सामने
नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद गॆविनाथ साहू ने कहा कि अफवाह के कारण नगर के विभिन्न वार्डों में दहशत का माहौल है लोग दिन और रात बच्चों की चिंता में डूबे रहते हैं आलम यह है कि लोग रतजगा कर रहे हैं हथियार लैस होकर थोड़ी सी भी आहट में वार्ड वासी अलर्ट हो जा रहे हैं । इस तरह के दहशत पूर्व वातावरण में कभी भी कुछ भी गंभीर हादसा हो सकता है प्रशासन इस वायरल मैसेज के सच को सामने लाएं और जनता के भय का निराकरण करें।