: अपराध नियंत्रण पुलिस का मूल कार्य, लापरवाही बर्दाष्त नहीं
Wed, Jul 11, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के पुलिस कप्तान जीएस जायसवाल ने क्राईम मीटिंग में मातहतों को दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में लापरवाही हरगिज बर्दाष्त नहीं होगी। उन्होंने सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में तत्काल एम्बुलेंश को सूचना देते हुये घायल व्यक्ति को यथाशीघ्र प्राथमिक उपचार कराने का प्रयास किये जाने एवं शिकायतों को सप्ताह में एक बार बीट भ्रमण, चलित थाना के माध्यम से निराकरण करने के निर्देश दिये। वहीं संदिग्ध व्यक्तियों के हॉटल, लॉज में आने पर उसके संचालक तत्काल पुलिस को सूचना देने हेतु निर्देशित करने, बाहर से आकर रूकने वाले व्यक्तियों का आईडी प्रूफ की जानकारी लेकर उसका संधारण करने, घटना, दुर्घटना, विपरित परिस्थिति अथवा किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने पर पुलिस बल तत्काल मौके पर उपस्थित हो यह सुनिश्चित करने, थाना चैकी में पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों के कार्यो का आंकलन कर बेहत्तर कार्य लिये जाने के निर्देश भी दिये।
बैठक के दौरान थानों में पंजीबद्व लंबित अपराध, चालान, शिकायत, मर्ग जांच की विस्तृत जानकारी लेकर उनके निराकरण हेतु मार्गदर्शन देने, आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बाहर से आने वाले बल की रूकने के स्थान पर बिजली व पानी की सुविधा की उपलब्धता, सम्पत्ति संबंधी अपराधों की जानकारी लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने, दिये गये टारगेट पर किये गये कार्यवाही की समीक्षा करने हेतु पुलिस कन्ट्रोल रूम के सभाकक्ष में अपराध समीक्षा बैठक ली।
मीटिंग में पुलिस अधीक्षक जी.एस.जायसवाल ने थाना चैकी प्रभारियों से पंजीबद्व अपराध, तैयार किये गये चालान, गुम इंसान के प्रकरण एवं लंबित शिकायत पत्र की जानकारी लेकर उसका शीघ्र निराकरण करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। सम्पत्ति संबंधी अपराध जिनमें आरोपियों की गिरफ्तारी एवं माल बरामद नहीं हुये हैं उन मामलों में स्पेशल पुलिस टीम की सहायता से खुलासा करने, किसी प्रकरण या शिकायत के संबंध में जानकारी मंगाये जाने पर वह तथ्यात्मक एवं सही हो यह सुनिश्चित करने, थाना क्षेत्र की प्रत्येक गतिविधियों की जानकारी रखने, आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने एवं अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा किये गये अच्छे कार्य से अवगत कराने ताकि उन्हें पुरस्कृत किया जा सके। आदतन अपराधियों के आपराधिक रिकार्ड संधारित कर वैधानिक कार्यवाही करने, स्थाई वारंटियों की धर पकड़ हेतु विशेष अभियान चलाने एवं जिले एवं सरगुजा रेंज में निवासरत् आदतन अपराधियों की रिकार्ड संधारित करने के निर्देश दिये।
पारदर्षिता के साथ दायित्वों का हो निर्वहन
पुलिस अधीक्षक जायसवाल ने कहा कि अपराध को रोकना पुलिस का मूल कार्य है, पुलिस की कार्यवाहियों को पारदर्शिता बनाये रखने के निर्देश दिये। पुलिस एक ऐसी संस्था है जो जनसामान्य की लगभग हर एक समस्याओं के निदान के लिये सदैव तत्पर रहती है, किसी भी व्यक्ति के मुश्किल समय में वह पुलिस से मदद् की अपेक्षा करता है ऐसी स्थिति में पुलिस के अधिकारी कर्मचारी उनकी अपेक्षा की स्थिति को भांपते हुये तत्परतापूर्वक मदद करें। पीड़ित व्यक्ति के थाने में आने पर उसकी शिकायत व समस्या को विस्तारपूर्वक सुनकर उचित निराकरण करें, किरायेदारों की चेकिंग कर उसका रिकार्ड संधारण करने के निर्देष देते हुए पुलिस अधीक्षक जी.एस.जायसवाल ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सजा भी दी। मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर, बी.एल.केहरी, सीएसपी डी.के.सिंह, डीएसपी मुख्यालय निमिषा पाण्डेय, एसडीओपी सूरजपुर मनोज धु्रव, एसडीओपी प्रेमनगर चंचल तिवारी, रक्षित निरीक्षक सनत ठाकुर, जिले के समस्त थाना, चैकी, यातायात, स्पेशल पुलिस टीम प्रभारी, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के शाखा प्रभारीगण उपस्थित रहे।
: एक साथ रोपे गये पौने दो लाख पौधे
Wed, Jul 11, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- वृक्षारोपण महाभियान आज पूरे सूरजपुर जिले में उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के सभी वर्गों के लोगों ने वृक्षारोपण महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान जिले में एक साथ पौने दो लाख पौधे लगाए। वृक्षारोपण महाअभियान पर आज ग्राम पंचायत करकोटी में कलेक्टर केसी देवसेनापति एवं ग्रामीण जनों द्वारा पौधा रोपण किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं, स्कूली बच्चों के साथ एनएसएस, एनसीसी, स्काउट गाईड के बच्चों ने भी वृक्षारोपण किया। महावृक्षारोपण अभियान में फलदार, छायादार वृक्षों के साथ-साथ औषधिय पौधो का भी रोपण किया गया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और वन भी जीवन देता है। जल और वन दोनों को बचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पौधे लगाने के बाद उसकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए तथा बच्चों की तरह पौधों की देख-भाल करना चाहिए और कहा कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर हमर सूरजपुर हरियर सूरजपुर बनाने की अपील की। उन्होंने उपस्थित प्रत्येक लोगों से कहा कि अपने आंगन या बाड़ी में पेड़ अवश्य लगाएं।
: फिर आबकारी दल ने दिखाई दहषतगर्दी, कलेक्टोरेट की महिला भृत्य से की धक्का मुक्की
Wed, Jul 11, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिला मुख्यालय सूरजपुर में एक बार फिर आबकारी विभाग के कर्मचारियों की दहषतगर्दी प्रकाष में आई है। किराये के मकान में निवासरत आदिवासी महिला कर्मचारी ने आबकारी दल पर देर रात घर में घुसकर गाली गलौज, धक्का, मुक्की और जातिगत गाली देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए इसकी षिकायत कोतवाली पुलिस और अजाक थाना में दर्ज कराई गई है।
गौरतलब है कि नगर के बड़कापारा मोहल्ला निवासी सूर्यभान साहू के घर देर रात करीब 8 बजे आबकारी विभाग के 5-6 कर्मचारी छापे की कार्रवाई करने आये थे, उसके यहां छापे में कुछ नही मिला तो आबकारी विभाग के कर्मचारी सूरजपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय में कार्यरत आदिवासी महिला कर्मचारी के किराये के घर में जबरन घुस गये, देर रात बलात ढंग से अकेली महिला के घर में घुसने का जब भृत्य फूलेष्वरी सिंह ने विरोध किया तो आबकारी कर्मचारियों ने उसे धक्का देकर गिरा दिया और गाली गलौज करते हुए दुर्व्यवहार किया।
महिला की षिकायत पर नहीं मिली पावती
आबकारी विभाग के कर्मचारियों की गुण्डागर्दी की षिकार आदिवासी महिला कर्मचारी फूलेष्वरी सिंह ने इस घटना की षिकायत सूरजपुर कोतवाली थाना और अजाक थाना में लिखित आवेदन के माध्यम से की, जहां उसे अजाक थाना से तो षिकायत पत्र की पावती दे दी गई, लेकिन कोतवाली थाना में पावती नहीं मिली। पीड़िता ने जब रो-रोकर अपनी आप बीती देवलोक को बताई। वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग के कर्मचारियों को जब उनकों गलती हो जाने का आभास हुआ तो उन्होंने बचाव की दृष्टि से थाना में महिला कर्मचारी के विरूद्ध झूठी षिकायत कर दी कि वह शासकीय कार्य में बाधा डाल रही थी।
देर रात दबिष क्यों.......
महिला कर्मचारी ने आबकारी विभाग के कर्मचारियों के मंसूबे और बर्ताव का जिक्र करते हुए उनपर सीधे’-सीधे उत्पीड़न और शोषण का आरोप लगया है। वरना ऐसी कौन सी आफत आ गई थी कि देर रात 8 बजे किसी अकेली महिला का दरवाजा खुलवाकर छापे की जरूरत पड़े। महिला ने कहा कि वह इज्जत के साथ भृत्य की नौकरी करके अपनी आजीविका चला रही है। इस घटना से मानसिक, शारीरिक और सामाजिक आघात पहुंचा है।
क्या कहती है पुलिस
इस पूरे मामले की जांच कर रहे सहायक उपनिरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि षिकायत दोनों पक्ष से प्राप्त हुई है, षिकायत की जांच की जा रही है, पावती के संबंध में कहा कि ऐसे मामलों में सीधे एफआईआर करने का नियम है, चूंकि दोनों ओर से षिकायत मिली है इसलिए पावती देने से पूर्व प्रकरण की जांच आवष्यक है। उन्होंने दोनों पक्ष का बयान लेने के बाद कार्रवाई की बात कही।