: बैजनपाठ में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन…
Sun, Feb 7, 2021
सूरजपुर-कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देश पर बैजनपाठ में जिला पंचायत सीईओ आकाश छिकारा, एसडीएम प्रकाश सिंह राजपूत के साथ सभी विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि बैजनपाठ सूरजपुर जिले की दूरस्थ क्षेत्र में है जो पहाड़ी क्षेत्र में बसे होने के कारण मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। इस गांव मे रहने वाले 550 ग्रामीण के साथ कुल 146 परिवार निवास है उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने जिला प्रशासन के द्वारा विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणो की समस्याओं, शिकायतों का निराकण के लिए विभिन्न विभागों के द्वारा स्टाल लगाया गया था जिसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 36 परिवारों को राशन कार्ड का वितरण, 03 नवीन पेंशन हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति दी गई हैं। विकलांग प्रमाण पत्र 07 लोगों को प्रदान किया गया। जन समस्या निवारण शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 35 जाति प्रमाण पत्र, 17 निवास पमाण पत्र बनाकर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया हैं। मनरेगा योजनांतर्गत 23 हितग्राहियों का मजदूरी भुगतान कर समस्या का निराकरण किया गया हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग से बाल संर्दभ सेवा अन्तर्गत लाभान्वित गम्भीर एवं मध्यम कुपोषित 28 बच्चे, स्वास्थ्य जांच समान्य बच्चे एवं गर्भवती महिला 31, नोनी सुरक्षा योजनांतर्गत लाभान्वित कन्याओं की सख्या 05, मातृ वंदना योजना से लाभान्वित हितग्राही 14, टीएचआर से लाभान्वित 129 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया हैं। कृषि विभाग से 20 परिवारों को 20 पैकेट मक्का वितरण किया गया एवं आत्मा योजनांतर्गत 3 कृषक मित्रों को 17 हजार की दर से 51 हजार रूपए भुगतान किया गया हैं। स्वास्थ्य विभाग से सामान्य ओपीडी के माध्यम से 78 लोगों की जांच की गई तथा विटामिन ए एवं आयरन सीरप 65 बच्चों को पिलाया गया। एएनसी कार्ड 07 लोगों का बनाया गया हैं। हिमोग्लोबिन, मलेरिया, सुगर के 42 लोगों की जांच की गई हैं। मच्छरदानी 72 लोगों को वितरित किया गया हैं। टी0बी0 स्पुटम की संख्या 12 एवं वयोवृद्ध एनसीडी स्वास्थ्य कार्ड 12 लोगों को वितरण किया गया हैं। शिक्षा विभाग की ओर से 52 विद्यार्थियों को सुखा राशन वितरण किया गया हैं। 43 लोगों का आधार कार्ड भी बनाया गया हैं तथा आधार कार्ड बनाने की एवं लंबित आवेदन के निराकरण की प्रक्रिया जारी रहेगी। कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बताया कि बैजनपाठ सहित आसपास के आश्रित ग्रामीणों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले इसे ध्यान में रखकर हमारे विभिन्न विभागों के माध्यम से शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है तथा यहां के रहवासियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा प्रयास है कि शासन की प्रत्येक योजनाओं का लाभ यहां के रहवासियों तक पहुंच सके इसके लिए हमने यहां पर शिविर का आयोजन कर इनकी मूलभूत आवश्यकताओं, समस्याओं, शिकायतों पर आवश्यक कार्यवाही कर जरूरतों को पूरा किया जा रहा हैं।
: आरक्षक का मिला शव..... नाली में मिला शव......
Sun, Feb 7, 2021
सूरजपुर- जिले के रामकोला थाना में पदस्थ आरक्षक 38 वर्षीय शिवप्रसाद एक्का का शव पानी के लिए बनाये गये नाली में मिला. मृत आरक्षक की डियूटी शनिवार को प्रतापपुर में आयोजित किसान आंदोलन के समर्थन में आयोजित चक्का जाम के लिए लगाई गई थी। जहां से डियूटी पूरी कर शिवप्रसाद शनिवार की रात को पुलिस लाईन स्थित अपने क्वाटर के सामने पहुंचा और बाईक खड़ी कर घर के अंदर जाने से पहले कालोनी के पीछे लघुशंका के लिए गया था। जहां पैर फिसल जाने के कारण वह कालोनी के पानी निकासी हेतु बनाई गई नाली में मुंह के बल जा गिरा। जिसके वजह से उसके सिर में चोटें आई थी और चेहरा पानी व कीचड़ में फंस गया । जिससे उसकी मौत हो गई। इस बात की जानकारी रात को उस वक्त लगी जब कालोनी के अन्य लोग उस तरफ टहलने के लिए निकले थे। तभी उन्हें नाली के ऊपर शरीर का हिस्सा दिखा। जब पास में जाकर देखा तो शिवप्रसाद ओंधे मुंह पड़ा था। जिसकी सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दी गई और उसे अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविवार को पीएम आदि के पश्चात आरक्षक के शव को उसके गृहग्राम लुंड्रा के ग्राम लमगाव कोट भिजवाया गया है। बताया गया है कि मृतक के तीन छोटे छोटे बच्चे है। हादसे के बाद से बच्चो व पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है।
: जंगल विभाग में जंगल राज.....प्रभारियो के भरोसे चल रहा काम....
Sun, Feb 7, 2021
सूरजपुर-क्या वन विभाग पर जंगल राज चल रहा है। जिले में वन मण्डलाधिकारी से लेकर रेंजर तक के पद पर प्रभारियों से काम चलाया जा रहा है।जिले के कई रेंज ऐसे है जहाँ प्रभारी अधिकारी ही पद पर तैनात है। जिला मुख्यालय तक मे यही हाल है। इतना ही नही हाल ही में डीएफओ के तबादले के बाद किसी नए आईएफएस की नियुक्ति न होने से एसडीओ स्तर के अधिकारी को डीएफओ का प्रभार दिया गया है।इसे लेकर यहां सरकार की किरकिरी हो रही है लेकिन फर्क किसी को नही पड़ रहा। अब जब अधिकारी ही नही है तो फिर कायदे कानूनों की बात करना ही बेमानी है।जिले में वन विभाग में नियमक़ानून के पालन नही करने और तमाम अनियमितता की शिकायतों को लेकर पिछले दिनों वन मण्डल खासा सुर्खियों में रहा। बताया जाता है कि ग्रामीण विकास समिति के प्रमुख व आरटीआई एक्टिविस्ट हेमन्त नायडू तमाम शिकायतों को लेकर वन मण्डल दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए है।जिससे वन विभाग की हालत पतली हो गई थी। करीब 24 घण्टे से अधिक के धरने के बाद प्रभारी डीएफओ के लिखित आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त किया था। उन्हें दिए गए लिखित आश्वासन में उनकी शिकायतों की कमेटी के माध्यम से जांच करा कर एक महीने में कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। नायडू के जो आरोप है उनके अनुसार जिले में करीब 50 करोड़ की गोबर खरीदी की गई है उसकी उन्होंने जानकारी चाही है। इसके अलावे रामानुजनगर ब्लॉक के अर्जुनपुर मे डब्लूबीएम सड़क निर्माण में धांधली,रोजगार गारंटी के काम को मशीनों से कराए जाने, 184 रुपए की जगह 50 रुपए रॉयल्टी पटा कर राजस्व नुकसान करने तथा बिना जीएसटी के करोड़ो रूपये का भुगतान आदि किये जाने की शिकायत व जांच की मांग की गई है।अब एक महीने के अंदर जांच में क्या सामने आता है यह तो जांच के बाद पता चलेगा..?
छाप दो
इस मामले में प्रभारी डीएफओ श्री भगत से विभाग का पक्ष जानने के लिए सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बिना कोई बात सुने एक लाइन में कह दिया कि जो छापना है छाप दो …लिहाजा वन विभाग का पक्ष ज्ञात नही हो सका है।