: शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का निरीक्षण...
Thu, Jul 18, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
कलेक्टर रोहित व्यास ने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदेई में चल रहे मत्स्य बीज उत्पादन कार्य का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य बीज उत्पादन हेतु बनाई गई हैचरी एवं हैचरी में विभिन्न चरणों में अपनाई जा रही प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने मत्स्यबीज उत्पादन हेतु बनाए गए तालाब का अवलोकन करते हुए उत्पादित की जाने वाली विभिन्न प्रजाति की मछलियों की जानकारी ली। इस दौरान सहायक संचालक मछली पालन एम एस सोनवानी, द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु 350 लाख स्पॉन मत्स्य बीज, एवं 80 लाख स्टैंडर्ड फ्राई मत्स्य बीज का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विपक्ष में अब तक कुल 130 लाख स्पॉन का उत्पादन करा लिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि जिले के मत्स्य कृषकों को अगले माह अगस्त से मत्स्य बीज उपलब्ध हो जाएगा । इसके अलावा कलेक्टर श्री व्यास के द्वारा प्रक्षेत्र में एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत वृक्षारोपण कार्य भी किया गया। इस दौरान प्रक्षेत्र प्रभारी सुधाकर बिसेन(ए एफ ओ), छोटेलाल तिर्की मत्स्य जमादार, सतीश तिग्गा मछुआ चौकीदार, सहयोगी शंखलाल गौतम तिलेश्वर, जगदीश, बरेलाल, खेलसाय, लिखन एवं शिव उपस्थित रहे।
: स्वास्थ अधिकारी बर्खास्त, लगातार रहती थी गायब...
Tue, Jul 16, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
सामुदायिक स्वास्थ अधिकारी के कार्यक्षेत्र में बिना बताये लगातार गायब रहने पर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बर्खास्त कर दिया है मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह ने बताया कि श्रीमती अपर्णा साहू सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी कसकेला पदस्थ थी जो 28 फरवरी से 12 जुलाई 2024 तक लगातार अनुपस्थित थी जिसके कारण उनकी सेवा समाप्त कर दी गई। उनकी लगातार अनुपस्थिति पर खण्ड चिकित्सा अधिकारी सूरजपुर डॉ० प्रशांत सिंह ने स्पष्टीकरण सहित कार्य पर उपस्थित होने हेतु कई बार नोटिस दिया गया परंतु उनके द्वारा पत्र का जवाब नहीं दिया गया। साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सूरजपुर के द्वारा भी अनुपस्थित रहने का कारण सहित जिला कार्यालय में अपनी उपस्थिति देने हेतु पत्र दिया गया था। परंतु उनके द्वारा नियत तिथि तक पत्र का जवाब के उपस्थिति नहीं दी गई। पूर्व में भी श्रीमती अपर्णा साहू के द्वारा कई बार उक्त कृत्य किये जाने पर पत्र जारी करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा समझाईस देते हुए अंतिम चेतावनी दी गई थी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ मानव संसाधन नीति 2018 के कण्डिका 34.7 के तहत श्रीमती साहू की सेवा समाप्त की गई है। गौरतलब है कि कार्य पर लापरवाही बरतने वाले अन्य स्वास्थ्य अधिकारी / कर्मचारियों की सूची मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारियों से तत्काल मंगाई गई है।
: उद्यानिकी फसलों के लिए मौसम आधारित फसल बीमा,अंतिम तिथि 31 जुलाई...
Tue, Jul 16, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
राज्य में उद्यानिकी फसलों में पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम खरीफ वर्ष 2024-25 के क्रियान्वयन हेतु छ.ग. शासन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिसके अंतर्गत जिले में अधिसूचित फसलें टमाटर (बीमित राशि-120000, प्रीमियम राशि-6000), केला (बीमित राशि-85000, प्रीमियम राशि-4250), बैगन (बीमित राशि-77000 प्रीमियम राशि-3850), मिर्च (बीमित राशि-68000, प्रीमियम राशि-3400), अदरक (बीमित राशि-150000, प्रीमियम राशि-7500), पपीता (बीमित राशि-87000, प्रीमियम राशि-4350) एवं अमरूद (बीमित राशि-45000 प्रीमियम राशि-2250) है। योजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्व निरीक्षक मण्डल को बीमा इकाई बनाया गया है एवं किसानों को बीमा हेतु कास्त के लिए निर्धारित ऋणमान (बीमित राशि) का 5 प्रतिशत प्रीमियम के रूप में देना होगा। इन सभी फसलों के जोखिम अवधि 1 मार्च 2024 से 31 दिसम्बर 2024 है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रतिकूल मौसम जैसे अधिक वर्षा, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, अधिक तापमान, कम तापमान, बीमारी अनुकूल मौसम, वायु गति से होने वाली फसलों की क्षति के नुकसान का आकलन स्वचलित मौसम केन्द्र द्वारा किया जावेगा।
स्थानीय आपदा ओलावृष्टि की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर या लिखित रूप से 72 घंटो के भीतर बीमा कंपनी संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभाग/जिला अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित करेगा। सभी ऋणी एवं अऋणी कृषक जो भी उद्यानिकी फसलें ले रहे है, दिनांक 31 जुलाई 2024 तक लोकसेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से बीमा करा सकते है। ऋणी कृषक अपने सहकारी, ग्रामीण, वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं से संपर्क कर नामांकन करा सकतें है एवं अऋणी कृषक नक्शा, खसरा एवं पासबुक की प्रति एवं क्षेत्र बुवाई प्रमाण पत्र या बुवाई के आशय का स्वघोषणा पत्र जो क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी/ग्रा.उ.वी. अधिकारी द्वारा सत्यापित हो जमा कर नामांकन करा सकते है।
जिले में फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी सहायक संचालक उद्यान कार्यालय सूरजपुर या मैदानी क्षेत्रों में पदस्थ उद्यान विकास अधिकारियों से प्राप्त की जा सकती है