ब्रेकिंग

बिहारपुर वन परिक्षेत्र में ईंट भट्ठों की आड़ में जंगलों का सफाया, वन विभाग की 'चुप्पी' पर उठे सवाल।

जेसीबी की टक्कर से गर्भवती महिला समेत नवविवाहित जोड़े की मौत..

सूरजपुर: नेशनल हाईवे पर कैटरिंग वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष, नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात.

घर में लगी आग, जिंदा जला पूर्व सचिव,हुई मौत.

कोयले की खदान में घुसकर केबल तार चोरी के मामले में 7 गिरफ्तार..

सूचना

: त्रिशूली बना रेत माफियाओं का अड्डा,, इनके दादागिरी से ग्रामीण सहमे,, प्रशासन भी चुप........

बैजनाथ केशरी

रामानुजगंज- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के रोक के बावजूद रामचंद्रपुर विकासखंड में अवैध रेत उत्खनन जोरों पर है नदी का सीना छलनी कर के रेत उत्खनन किया जा रहा है रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम त्रिशूली के पांगन नदी में बिना लीज के ही 24 घंटे अवैध रेत उत्खनन कर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रकों से रेत उत्तर प्रदेश जा रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों के मिलीभगत से अवैध रेत उत्खनन कर गांव के विकास को बाधित करने एवं नदी के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करने का आरोप लगाया है। एक ओर जहां अवैध रेत उत्खनन क्षेत्र में जोरों पर है वही खनिज विभाग अकर्मण्य रवैये के विरुद्ध लोगों में आक्रोश है।
गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का बरसात के समय नदियों से रेत उत्खनन पर रोक रहता है परंतु रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम त्रिशूली के पांगन नदी में 24 घंटे अवैध रेत उत्खनन हो रहा है जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है वहीं कई बार ग्रामीण क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन को लेकर आंदोलन भी कर चुके हैं यहां रेत माफिया एवं ग्रामीणों के बीच कई बार टकराव की स्थिति हुई है। अवैध रेत उत्खनन के लिए रेत माफिया बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश से गुंडों को लाते हैं जो ग्रामीणों को धमकी चमकी करके रेत उत्खनन करते हैं यहां स्थिति ऐसी रहती है कि यदि कोई अवैध रेत उत्खनन के लिए आवाज उठाता है तो उसके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराने के लिए रेत माफिया तैयार रहते हैं। ग्रामीण अबरार खान एवं अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रेत माफिया स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों से सांठगांठ करके अवैध रेत उत्खनन कर रहे हैं वहीं जब ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं तो उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है वही उल्टा उनको धमकाया भी जा रहा है।

अवैध रेत उत्खनन में संलग्न टैक्टर से तीन लोगों की जान जाते-जाते बची……

पांगन नदी से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर प्रतिदिन अवैध रेत उत्खनन में लगे हुए हैं स्थिति ऐसी है कि नाबालिग बच्चे भी जहां ट्रैक्टर चला रहे हैं वही बिना लाइसेंस के भी लोग ट्रैक्टर चला रहे हैं वही ट्रैक्टर की रफ्तार इतनी तेज रहती है कि आए दिन छोटी मोटी दुर्घटना की आशंका बने रहती है शुक्रवार को स्कूल से लौटने के दौरान रामस्वरूप के 12 वर्षीय एवं 8 वर्षीय पुत्र ट्रैक्टर के चपेट में आ गए जिन्हें मामूली चोट लगी वही बड़ हादसा होते-होते टला वहीं शुक्रवार को ही बेल्वादमर बाजार में एक होटल में चाय पी रहे शिव शंकर पिता सुदेश्वर उम्र 28 वर्ष भी ट्रैक्टर के चपेट में आ गया जिससे उसे चोट लगी।

रास्ता ऐसा हुआ खराब कि 12 किलोमीटर की जगह 30 से 45 किलोमीटर का सफर तय करके उत्तर प्रदेश जा रहे इलाज कराने..?

गांव में हो रहे अवैध रेत उत्खनन के कारण गांव के सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसमें पैदल चलना मुश्किल हो रहा है यहां तक कि एंबुलेंस पहुंचना तो अभी सपना हो गया है पहले से जहां पुल टूटा हुआ था वही अब सड़क की स्थिति और जर्जर हो जाने से गांव के लोग 12 किलोमीटर का सफर तय करके सनावल नहीं जा पा रहे हैं जिस कारण वे उत्तर प्रदेश के दुद्धि एवं रेणुकूट 30 से 45 किलोमीटर का सफर तय करके जा रहे हैं इलाज कराने।

अभिभावक नहीं भेजना चाह रहे हैं बच्चों को स्कूल चल रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर की डर से

गांव में स्थिति 24 घंटे चल रहे हैं तेज रफ्तार ट्रैक्टर के कारण ऐसी हो गई है कि अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं गांव के ही हीरालाल पंडों ने बताया कि गांव में दिनभर ट्रैक्टर इतना तेज रफ्तार से रेत लेकर चल रहा है कि बच्चों को स्कूल भेजने से डर लग रहा है वह प्रतिदिन छोटा-मोटा हादसा हो ही रहा है।

खनिज विभाग की भूमिका संदिग्ध न मौके पर जाते हैं, न फोन उठाते हैं

एक ओर जहां क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन लगातार जारी है सब नियम कानून को धता बताकर रेत माफिया रेत उत्खनन में संलग्न है वहीं दूसरी ओर खनिज विभाग के अधिकारी न तो फोन उठाते हैं नहीं मौके पर जाने का जहमत उठाते हैं ऐसे में कार्यवाही के बारे में सोचना भी बेमानी साबित होगी।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें