: राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल एक के बाद एक क्यों लोगो द्वारा इक्छा मृत्यु,,?
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Sat, Jul 30, 2022 सूरजपुर जिला के प्रतापपुर तहसील अंतर्गत ग्राम करजंवार निवासी एक मजबूर वृद्ध ने दबंग के आतंक के सामने प्रशासन से कोई सहयोग न मिलने के कारण कलेक्टर सूरजपुर से सपरिवार आत्मदाह की अनुमति मांगने पर मजबूर हो गया है
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम करजंवार निवासी आनंद राम स्वत्य एवं आधिपत्य की भूमि ग्राम करजंवार, तहसील प्रतापपुर, जिला- सूरजपुर छ०ग०में स्थित है दस्तावेजों से छेड़छाड़ कर बिना पैसा दिए रजिस्ट्री कराने की शिकायत प्रतापपुर थाने से लेकर कई जगह की थी पर विनोद जायसवाल के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज नही हुआ शिकायत में बताया था कि ऊसके स्वामित्व की भूमि खसरा नंबर 108/1 रकबा 0.29 हे0 भूमि ग्राम खोरमा तहसील प्रतापपुर जिला सूरजपुर में है जिसमें से आवेदक ने अनावेदक विनोद जायसवाल को रकबा 0.16 हे0 भूमि का विक्रय किये जाने हेतु तहसीलदार प्रतापपुर प्रतिहस्ताक्षरित कराया गया था तथा उक्त दस्तावेज में स्पष्ट रूप से भूमि विक्रय हेतु प्लाट नम्बर 108/1 से 0.16 हे0 रकबा विक्रय हेतु अंकित है पर प्रतिहस्ताक्षर के दस्तावेज के विवरण में अनावेदक के द्वारा 0.16 हे0 को काट छॉट कर 0.25 हे0 परिवर्तित कर दिया गया था और आवेदक को धोखे में रखकर दिनांक 16.12.2021 को आवेदक से ज्यादा भूमि की रजिस्टी करा लिया है जिसमें लघु हस्ताक्षर भी नहीं था.पीड़ित ने आरोप लगाया था की वह अशिक्षित एवं वृदध व्यक्ति है जिसका लाभ उठाकर उसे शराब पिलाकर छलकपट करते हुए रजिस्ट्री के दस्तावेज में कूटरचना कर धोखे से अवैध रजिस्ट्री कराया गया था पीड़ित के पुत्र बृजलाल ने दिनांक 14 जनवरी 2022 को विक्रय पत्र की नकल निकालने पर कूटरचना छल करने की जानकारी मिली थी. जिसकी शिकायत थाने में किया था .लेकिन उलटे उन्हें जान से मारने की धमकी देकर विनोद जायसवाल दबाव बनाकर सिकायत के खिलाप नोटरी कराकर समझौता के लिए थाने में शपथ पत्र पेश करवाया था पुलिस वाले से कोई सहयोग न मिलने से न्याय के लिए भटक रहा असहाय वृद्ध के सामने सहायता के सभी दरवाजे बंद हो जाने के बाद अब उसने कलेक्टर सूरजपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर विनोद जायसवाल के खिलाप मामला दर्ज एवम नामांतरण पर रोक लगाने नही होने की स्थिति में सपरिवार संयुक्त कार्यलय सूरजपुर में आत्मदाह करने की अनुमती की मांग की है।

राजस्व विभाग की कानून व्यवस्था का हाल बेहाल क्यों लोगों द्वारा आत्महत्याकी अनुमति मांगने को मजबूर हो रहे है लोग
कुछ दिन पूर्व एक महिला ने भी मुख्यमंत्री के भेट मुलाकात कार्यक्रम में आवेदन दिया था जिसका निराकरण तत्काल राजस्व विभाग को करने को मुख्यमंत्री ने कहा था सुनवाई न होने से महिला ने कलेक्टर के सामने आत्मदाह करने की अनुमति मांगी थी उस घटना को कुछ ही दिन हुए हैं आज पुन एक वृद्ध असहाय ने कार्यवाही न होने से पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करने की अनुमति मांगने को क्यों मजबूर होना पढ़ रहा

तहसीलदार पटवारी के प्रमाणित बयान के बाद भी आज तक क्यों नहीं हुआ मामला दर्ज यह भी सवालिया निशान उठाता है
आवेदक गणों ने बताया कि हम लोग गरीब तबके के आदमी हैं इसलिए हम लोगों की कहीं सुनवाई नहीं होती है अनावेदक पैसों के दम पर हम लोगों की बातों को दबा देता है इसलिए हम लोगो की सुनने वाला कोई नहीं है जमीन खरीदी बिक्री में पटवारी एवं तहसीलदार द्वारा ही चौहद्दी बनाकर दिया जाता है तहसीलदार एवं पटवारी द्वारा अपने बयान में बताया की गलत है.

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