: पहली बरसात ने खोल दी नगर पालिका की पोल
Tue, Jun 12, 2018
एक घंटे की बरसात में नगर पालिका कार्यालय समेत जगह- जगह बनी जल भराव की स्थिति
सिविल कॉलोनी में कई घरों में घुसा बरसात का पानी
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- सोमवार को सूरजपुर में करीब 1 घंटे तक जमकर बरसात हुई, इस एक घंटे की झमाझम बारिष ने नगर पालिका के आपदा प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी। खुद नगर पालिका कार्यालय के सामने प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी इतना पानी भर गया कि लोग नगर पालिका कार्यालय तक नहीं पहुंच पा रहे थे, इसी प्रकार नगर के विभिन्न वार्डां में जल भराव की स्थिति का सामना जनसामान्य को करना पड़ा।
गौरतलब है कि मानसून से पूर्व नगर पालिका के द्वारा जल भराव की स्थिति को रोकने के लिए व्यापक प्रबंध करने का दावा किया जा रहा था, जगह- जगह नई नालिया बनाई गई लेकिन इन उपायों से भी जगह- जगह जल भराव को नहीं रोक पाये। स्थिति यह थी कि महज एक घंटे की बरसात में सिविल कॉलोनी, अग्रसेन वार्ड के भट्ठापारा, नावापारा समेत अन्य स्थानों पर बरसात का पानी एकत्रित होकर लोगों के घरों में घुसने लगा। जिसे काफी मषक्कत के बाद निकाला जा सका। स्वयं नगर पालिका कार्यालय परिसर से पानी निकालने के लिए नगर पालिका को जेसीबी मषीन लगानी पड़ी।
चार साल में भी सिविल कॉलोनी का नहीं हुआ निदान
विगत 4-5 वर्षों से अग्रसेन वार्ड स्थित सिविल कॉलोनी में जल भराव की समस्या स्थायी रूप से बनी हुई है, जनदर्षन, लोक सूराज समेत विभिन्न मंचों पर इस समस्या के निराकरण के लिए आवेदन दिये गये लेकिन नगर पालिका के द्वारा इस दिषा में ठोस पहल नहीं किये जाने के कारण बरसात के दिनों प्रति वर्ष बरसात का पानी लोगां के घरों में घुस जाता है। नगर पालिका द्वारा नाली निर्माण जो कराई गई है उसे मूल नाली से नहीं जोड़ने के कारण यह समस्या इस वर्ष भी लोगों के लिए सिर दर्द बनी हुई है। समय रहते इसका निराकरण आवष्यक है।
: चिकित्सक के अभाव में पेट में दर्द से पीड़ित मरीज ने तोड़ा दम
Tue, Jun 12, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जिले के ओड़गी विकासखण्ड मुख्यालय में 4 एमबीबीएस चिकित्सकों की पदस्थापना होने के बावजूद मुख्यालय में एक भी चिकित्सक नहीं रहते, दो आरएमए चिकित्सक के भरोसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र को छोड़ दिया गया है, परिणाम स्वरूप सांवारावां से उपचार के लिए पहुंचे पेट दर्द से पीड़ित 60 वर्षीय ग्रामीण की उपचार के अभाव में मौत हो गई।
गौरतलब है कि ओड़गी विकासखण्ड मुख्यालय में चार एसबीबीएस चिकित्सक समेत आरएमए चिकित्सकों की भी नियुक्ति वहां की भौगोलिक विषमताओं और वनांचल क्षेत्रों को देखते हुए की गई, लेकिन मुख्यालय में निवास बनाकर न रहने से इतनी संख्या में चिकित्सकों की नियुक्ति का लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। सोमवार को सांवारावां ग्राम निवासी मंगल साय आत्मज बुल्लूराम खैरवार 60 वर्ष अपने रिष्तेदार के यहां चपदा गया था, जहां उसके पेट में दर्द होने पर उसे ओड़गी चिकित्सालय में उपचार के लिए लाया गया था, लेकिन यहां एक भी एमबीबीएस चिकित्सक नहीं मिले, आरएमए चिकित्सकों के द्वारा जब तक उपचार शुरू किया जाता तब तक मंगल साय की उपचार के अभाव में मौत हो गई।
खुद बीएमओ नहीं रहते मुख्यालय में
ओड़गी के जनपद सदस्य राजेष तिवारी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ बीएमओ डॉ प्रमोद राठौर एवं डॉ राकेष सिंह सूरजपुर जिला मुख्यालय में निवास बनाकर रहते है, जबकि डॉ मनीष मिश्रा लम्बे समय से अवकाष पर है और डॉ खान अपने गृहग्राम पटना से जाना आना करते है। इतने बड़े विकासखण्ड की जिम्मेदारी आरएमए चिकित्सक शांतनू कुषवाहा और मैरी ममता पर छोड़ दी गई है। गंभीर मरीजों के मामले में इनके द्वारा उपचार योग्य होने के बावजूद रेफर कर दिया जाता है।
मुख्यालय में रहना तय करे चिकित्सक
क्षेत्र के जनपद सदस्य राजेष तिवारी ने मंगल साय की उपचार के अभाव में मौत होने के बाद सीएमएचओ डॉ एसपी वैष्य से चर्चा की और वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए तहसील मुख्यालय में चिकित्सकों को आवास बनाकर रहना सुनिष्चित करने की मांग की है ताकि देर- सबेर कभी भी उपचार की आवष्यकता पड़ने पर चिकित्सक उपलब्ध रहें। उपचार के अभाव में और किसी मंगल साय की मौत न हो।
: 60 जंगली हाथियों का दल एक महीने से चांदनी बिहारपुर क्षेत्र मे डाला हैं डेरा
Mon, Jun 11, 2018
पप्पू जायसवाल बिहारपुर
सुरजपुर-सूरजपुर जिले के दुरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहारपुर वन अंचल क्षेत्र में जंगली हाथियों ने 1 महीने से डेरा डाला हुआ हैं साथ ही हाथियों ने कई बच्चो को जन्म दिए हैं
ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले दिनों तेंदूपत्ता तोडाई के दौरान लगभग जंगल में 60 हाथियों का झुंड देखने के लिए मिला जिसमें 6 छोटे-छोटे बच्चे थे, यह जंगली हाथी
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के जंगलों जमे हुए है। हलाकि अभीतक तक जंगली हाथियों द्वारा कोई क्षति नहीं पहुंचाया जा रहा है अनुमान लगाया जा रहा हैं की हाथी जंगल में रहकर बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं तो वही बिहारपुर क्षेत्र में भारी सख्या मे जंगली हाथियों को देखे जाने पर भय का माहौल बना हुआ है!
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बीट गार्ड ने बताया की
हाथी के समूह के विचरण चाँदनी बिहारपुर के
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर के पार्क परिक्षेत्र रिहंद अन्तर्गत सर्किल मोहरसोप छतरंग सिमा लाइन वन परिक्षेत्र बिहारपुर की सीमा लाइन में विचरण करते हुए शांति से अपना जीवन यापन कर रहे हैं किसी भी प्रकार का क्षति व्यहार नही दिखा रहे है जगली हाथी!
इसके पीछे का कारण यह हैं कि
- युपयुक्त आवास स्थल
- भोजन पानी की पर्याप्त मात्रा होना
- यह स्थान नम उपयुक्त आच्छादित क्षेत्र का होना जिसमे छिप कर अपने वंस वृद्धि करते है
- वर्तमान में यह 32 की संख्या में देखे गए है
- जिसमे कई बच्चे है
गोरतलब हैं कि यह समूह पिछले 4 साल से तमोर पिंगला अभ्यरण से गोंड बटी सर्किल रमकोला से रेंड नदी पार कर गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुण्ठपुर रेहन्ड रेंज के सर्किल मोहरशोप रेंज में प्रवेश करते है और पुरे गर्मी में यह रेहन्ड बीट, मोहरसोप बीट, बरंगा बीट में निवास करते है और रेड़ नदी में बरसात लगने से पहले पार कर जाते है उन क्षेत्र में उन हाथी समूह से अभीतक कोई गंभीर समस्या उत्पन्न नही हुआ है
लेकिन हाल में उनके समूह सदस्यों के द्वारा रेहन्ड बीट अंतर्गत ग्राम कछिया में दो महिला को पैर से कुचल कर मार डाला तथा फसल की हानि किए ग्राम नौडिहा,भगबर्दा,कछिया,मोहरसोप, बसनारा खैरा जुडवानीया रामगढ रसौकी लुल महुली हैं।