: माता पिता की लापरवाही के कारण बेटी को मिली मौत की सजा
Thu, Jul 26, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- मध्यप्रदेश के रामनगर से मजदूरी करने सपरिवार देवनगर आये कोल परिवार रात को खाना खाकर सो गये थे, लेकिन देर रात 10 वर्षीय बेटी आरती कोल को जहरीले सर्प ने डंस लिया। बेटी ने अपने माता- पिता को यह बात बताई भी थी, लेकिन माता- पिता ने उसे गंभीरता से नहीं लिया और दूसरे दिन सुबह जब सर्पदंश पीड़िता को जिला चिकित्सालय लेकर गये तब तक बहुत देर हो चुकी थी यहां इलाज शुरू होने से पहले ही मासूम ने दम तोड दिया। बेटी की मौत के बाद माता- पिता को भी काफी पछतावा हुआ लेकिन लापरवाही का खामियाजा माता- पिता को भुगतना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि रामनगर बिजुरी निवासी छोटकाईली जिले के देवनगर उरांवपारा निवासी जंगली लाल उरांव के घर में किराये से सपरिवार रहकर बनी- मजदूरी का काम करते थे, बिती रात करीब 11 बजे छोटकाईली कोल की पुत्री आरती को जहरीले सर्प से डंस लिया था। उपचार में देरी होने के कारण जिला अस्पताल लाने के उपरांत आरती की मौत हो गई।
माता- पिता की लापरवाही के कारण आरती को समय पर समुचित इलाज नहीं मिल पाया। बेटी की मौत के बाद परिजन चित्कार चित्कार कर रो रहे थे लेकिन अब पछताये होत का, जब चिंड़िया चूग गई खेत की कहावत के अनुरूप आरती के माता-पिता को भी अब पछताना पड़ रहा है।
: विरान पड़ा रहा दफ्तर सुनने वाला भी कोई नहीं था
Thu, Jul 26, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- रंगमंच मैदान सूरजपुर में जिले के लिपिक वर्ग द्वारा अपनी मांगों को लेकर 26 व 27 जुलाई को दो दिवसीय निश्चितकालीन आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन किया जा रहा है जिससे सभी विभागों के सरकारी कामकाज ठप रहे। कर्मचारियों ने बताया कि राज्य सरकार से उनकी मांगे वेतनमान विसंगति में सुधार एवं राज्य के समस्त लिपिकों को संपूर्ण सेवाकाल में चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान दिया जाना है।
इस दो दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के पश्चात 9,10 व 11 अगस्त को एक बार फिर से फेडरेशन की अनिश्चितकालीन आंदोलन में शामिल होकर अपनी मांगों के पक्ष में सरकार का ध्यानाकर्षित किया जाएगा और अगर 15 अगस्त तक लिपिक हित की मांग पर मुख्यमंत्री द्वारा कोई पहल नहीं की जाती तो उसके बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रांतीय निकाय द्वारा घोषित की जाएगी जिसमें पूरे राज्य के लिपिक संघ द्वारा उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। धरना प्रदर्शन में शोभा श्रीवास्तव, सुशील टोप्पो, पी.डी.सिंह, मोहम्मद इकबाल अंसारी, आलोक कुमार कुशवाहा, चंदन प्रसाद, अनूप सिंह सिदार, राम प्रताप यादव, भीष्म सिंह, शरद कुमार शिंदे, सुनील कुमार गुप्ता, बालेश्वर सिंह, श्याम ठाकुर, प्रसाद राजवाड़े सहित अन्य पदाधिकारी, जिला कार्यकारिणी सदस्य एवं समस्त लिपिक वर्ग सम्मिलित रहे।
: एक ऐसा विद्यालय जहां बरसात में भीगते हुए छात्राओं को झाड़ियों की ओट में जाना पड़ता है शौच के लिए
Thu, Jul 26, 2018
प्रवेश गोयल
सूरजपुर- जब पूरे भारत वर्ष में खुले में शौच की परम्परा पर रोक लगाने अभियान चलाया गया हो और ऐसे में तहसील मुख्यालय ओड़गी के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं को शौच के लिए झाड़ियों का सहारा लेना पड़ता हो तो यह दृश्य देखकर जिले में स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के कागजी आंकड़ो का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय ओड़गी स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 358 छात्राएं अध्ययनरत है और इन 358 छात्राओं के लिए महज 4 शौचालयों की एक यूनिट ही बनाई गई है, जो नाकाफी होने से छात्राओं को लघुशंका और शौच के लिए विद्यालय परिसर से बाहर झाड़ियों की ओट का सहारा लेना पड़ रहा है। जो न तो व्यवस्था की दृष्टि से उचित है और न ही छात्राओं की सुरक्षा दृष्टि से ही उपयुक्त है।
10 शौचालयों का सेटअप जरूरी
जनपद पंचायत ओड़गी के जनपद सदस्य राजेष तिवारी ने छात्राओं की इस समस्या की ओर ध्यानकर्षित कराते हुए बताया कि खुले में शौच के लिए मजबूर छात्राओं को तो अक्सर मनचलों की शरारतों का शिकार होना तो पड़ता ही है, साथ ही बरसात के दिनों में स्वास्थ्य और सुरक्षा की दृष्टि से भी घातक है। उन्होंने विद्यालय परिसर में 10 नग नये शौचालय के निर्माण की मांग उच्चाधिकारियों से की है।