: जमीन किसी की और मुआवजा किसी और को
Thu, Feb 7, 2019
प्रतापपुर
।मुआवजा के नाम पर फर्जीवाड़े का यह मामला सामने आया है महान तीन कोयला खदान में जहाँ पर एसईसीएल भटगांव ने फर्जी व्यक्ति को करीब चौदह लाख का भुगतान कर दिया है।पीड़ित ने पटवारी सहित अन्य पर फर्जी दसतावेज तैयार कर यह कारनामा करने का आरोप लगाया है,अधिकारियों के साथ एसईसीएल के समक्ष न्याय की गुहार लगा थक चुके पीड़ित ने अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री से न्याय दिलाने की मांग की है गौरतलब है कि प्रतापपुर तहसील के जगन्नाथपुर व पम्पापुर के साथ बलरामपुर जिला व राजपुर प्रतापपुर तहसील के चौरा व परसवारकला को मिलाकर महान तीन कोयला खदान प्रस्तावित है जिसे प्रारम्भ करने शुरुवाती कार्य प्रारम्भ हो गया हैं तथा इन चार गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों को करोड़ों का मुआवजा भी बांटा गया है,इसी मुआवजे में फर्जीवाड़े की बातें सामने आती रहती हैं, इसी तरह के फर्जीवाड़े का एक और मामला सामने आया है जिसमें जमीन का मालिक तो कोई और है लेकिन एसईसीएल ने करीब चौदह लाख का मुआवजा किसी और को दे दिया।मिली जानकारी के अनुसार सुमन्त राम निवासी सिलफिली ने 2005 में बलरामपुर जिले के राजपुर तहसील के चौरा में नामिक साय गोंड़ से खसरा नम्बर 219 रकबा करीब 1 एकड़ 75 डिसमिल जमीन खरीदी थी जिसका नामान्तरण व अन्य दस्तावेज भी पूर्ण हो गए हैं।उसकी यह जमीन महान 3 कोयला खदान में फंसी थी और उसे इसका मुआवजा व नौकरी मिलनी थी लेकिन मुआवजा उसे न मिल जमीन बेचने वाले नामिक को एसईसीएल ने दे दिया।जब सुमन्त को इसकी जानकारी लगी तो उसने सूचना के अधिकार से जानकारी निकाली,जानकारी देते हुए उसने बताया कि इस गांव में महान 3 कोयला खदान प्रस्तावित होने के बाद विक्रेता नामिक ने पटवारी अमृत धुर्वे व उसके दामाद विमल कुमार ने आपस में मिलीभगत कर दस्तवेज़ों के साथ छेड़छाड़ कर मुआवजा खुद के नाम से बनवा लिया जो करीब चौदह लाख रुपये है।जबकि जब एसईसीएल जमीन का अधिग्रहण कर रहा था तब इस सम्बन्धी सूचना उसके पास आई थी जिसके बाद उसने जमीन के दस्तावेज एसईसीएल के पास जमा किये थे।पीड़ित सुमन्त ने जानकारी देते हुए बताया कि मुआवजा के साथ वह नौकरी का भी हकदार है लेकिन उसे कहीं से न्याय नहीं मिल रहा है जबकि उसने मामले की शिकायत कलेक्टर,एसपी,एसडीएम सहित अन्य उच्च अधिकारियों के साथ एसईसीएल को भी की है,अब पीड़ित ने मामले की शिकायत प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह करते हुए न्याय दिलाने के साथ समस्त दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है,मामले में पीड़ित ने एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के साथ राजपुर प्रतापपुर तहसील के अधिकारी कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई है लोगो ने बताया कि कई और ऐसे मामले है जिसमे प्रतापपुर तहसील में नकल निकालने पर नकल नही मिल पा रही है
भ्रस्टाचार काअड्डा बना राजस्व विभाग
प्रतापपुर
आर आई रामु राम एवम पटवारी बालचन्द राजवाड़े की लोगो एवम ग्रामवासियों द्वारा कई बार सिकायत उच्च अधिकारियों से अवैध उगाही एवम तहसीलदार के आदेश के बाद भी कई महीने बीत जाने के बाद भी बिना पैसा लिए काम न करने का आरोप लगाया था जिस पर कई लोगो के जांच प्रतिवेदन में आर आई रामु राम ने अपने बचाओ में बेक डेट में पालन प्रतिवेदन देकर पटवारी बालचंद पर गलत तरीके से काम करने का गंभीर आरोप लगाया है
: सूरजपुर जिले के नये कलेक्टर होंगे दीपक सोनी
Tue, Feb 5, 2019
सचिन तायल प्रतापपुर
सुरजपुर
सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए कई जिलों के कलेक्टरों का स्थानांतरण आदेश जारी किया है। जारी स्थानांतरण आदेश के तहत सूरजपुर जिले के कलेक्टर केसी देव सेनापति को स्थानांतरित करते हुए। उनके स्थान पर 2011 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक सोनी सूरजपुर के नए कलेक्टर होंगे। वहीं सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ संजीव कुमार झा को कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज बनाया गया है।
: सहकारिता मंत्री व जनप्रतिनिधियों की पहल पर दूसरे दिन 1 बजे कारख़ाना में हड़ताल समाप्त
Sun, Feb 3, 2019
सचिन तायल प्रतापपुर
। शक्कर कारख़ाना केरता में 20 घंटे से जारी कर्मचारियों की हड़ताल आज समाप्त हो गई,सहकारिता मंत्री व उनके प्रतिनिधियों द्वारा समझौता के बाद हड़ताली कर्मचारी काम पर लौटने तैयार हुए,विभिन्न मांगों को लेकर प्रबन्धन ने कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दिया,जिसमें मुख्यतः नियमतिकरण को लेकर दस फरवरी को मंत्री के समक्ष उचित निराकारण करना है। गौरतलब है कि विभिन्न मांगों को लेकर शक्कर कारख़ाना कर्मचारियों ने कल शनिवार से हड़ताल चालू कर दी थी जिसके बाद कारख़ाना पूरी तरह बन्द हो गया था,हड़ताल से सबसे ज्यादा परेशान किसान हुए और हजारों टन गन्ना कारख़ाना में इकट्ठा हो गया था और कारख़ाना के साथ किसानों को लाखों का नुकसान हुआ।शनिवार को ही कर्मचारियों को समझाने का बहुत प्रयास किया गया था लेकिन वे नहीं माने,सहकारिता मंत्री के प्रतिनिधि जितेंद्र दुबे के साथ विद्यासागर सिंह,नवीन जायसवाल ने भी समझौता कर हड़ताल समाप्त कराने का प्रयास किया था लेकिन कर्मचारी मानने को तैयार नहीं हुए थे बल्कि किसानों और कर्मचारियों के बीच तनाव की स्थिति निर्मित हो गई थी।आज सुबह फिर कर्मचारी हड़ताल में बैठ गए और कारख़ाना प्रारम्भ नहीं हो सका,सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने हड़ताल समाप्त कराने पहल की और अपने प्रतिनिधि के तौर पर कुमार सिंह देव,जितेंद दुबे,विद्या सागर सिंह नवीन जायसवाल को भेजा।कई घण्टे की बैठक के बाद कर्मचारी हड़ताल समाप्त करने को तैयार हुए,इसमें सबसे प्रमुख मांग नियमतिकरण जिसको लेकर प्रबन्धन के द्वारा गुमराह करते आ रहा था,को लेकर निर्णय हुआ कि प्रबंधन प्रकरण बनाकर मंत्रालय को भेजेगा और दस फरवरी को मंत्री के साथ विचार विमर्श होगा कि क्या हो सकता है,एक कर्मचारी को वापस लेने की मांग पर न्यायालय के निर्णय के बाद व तीसरी मांग शासन के आदेश के बाद कार्यवाही करने का आश्वासन दिया जो प्रबंधक ने लिखित में दिया 20 घण्टों में हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रबन्धन के साथ किसानों ने राहत की सांस ली,इस दौरान कर्मचारियों ने प्रबन्धन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एमडी जीएम को हटाने के साथ मनोज पढ़ी की नियुक्ति व प्रमोशन की जांच की मांग भी की।जिससे
पारदर्शिता से काम हो सके
लोगो से मिली जानकारी के अनुसार अगर एमडी जीएम को नही हटाया गया तो फिर द्वेषपूर्ण साजिश रचकर कर्मचारियों को परेशान करता रहेगा पूर्व में भी ऐसी घटना विरोध करने पर घटित हो चुकी है जिसकी आज तक कोई ठोस पहल न होने से कर्मचारी भोग रहे है