: महाविद्यालय में बाल विवाह और बाल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम...
Wed, Nov 20, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
जिले में बाल विवाह और बाल संरक्षण के विभिन्न विषयों पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। शासकीय महाविद्यालय रामानुजनगर व कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर में यूनिसेफ़ और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बाल विवाह और बाल संरक्षण के महत्वपूर्ण विषयों पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में छात्रों को बाल विवाह की हानियों और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चे ही कल के भविष्य हैं, ये सुरक्षित हैं तो हमारा भविष्य भी सुरक्षित है, पॉक्सो एक्ट में बच्चों को लैंगिक अपराध से बचाने के लिए प्रावधान दिये गये हैं, बच्चों को गलत तरीके से घूरना, पीछा करना, रास्ता रोकना, ग़लत चित्र दिखाना, गलत तरीके से छुना भी अपराध है, गुड टच बैड टच के बारे भी विस्तृत जानकारी दी गई, पॉस्को से बचने के लिए चार चीज़ो के बारे में बताया गया नो- मतलब विरोध करना, गो- मतलब भागना, टेल-मतलब बोलना, इसके बारे में बताया गया। सोशल मीडिया के उपयोग कितना करना है सोशल मीडिया माध्यम से होने वाले साइबर क्राइम से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए इसके बारे जानकारी दी गई , घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के बारे जानकारी दी गई ,जेजे एक्ट में बच्चों को नशे से बचाने के लिए नए प्रावधान दिये गये हैं जिसमें धारा 77 और 78 यदि कोई बच्चे को नशा कराता है या नशे का समान बेचता है उसे एक लाख रुपये जुर्माना व दो वर्ष के सजा का प्रावधान है, चुप्पी तोड़ो गतिविधि से बच्चो को बोलने के लिये प्रेरित किया गया। जायसवाल ने चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098,181,112 के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी, साइबर क्राइम और नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों के बारे में जानकारी दी। यूनिसेफ़ के ज़िला समन्वयक प्रथमेश मानेकर ने विद्यार्थियों के साथ बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान पर जानकारी दी। इस कार्यक्रम में बाल विवाह की परिभाषा, इसके कारण, नकारात्मक प्रभाव और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की इसके साथ भी शाला त्यागी बच्चों, बच्चों की सही परवरिश (गुड पैरेंटिंग), बच्चों के अधिकार और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को बाल विवाह रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की प्रेरणा दी और उने बाल विवाह रोकने के एम्बेसडर कहा। चाइल्ड लाइन से शीतल सिंह ने चाइल्ड लाइन की सेवाओं के बारे में जानकारी दी और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 181 (महिला हेल्पलाइन) और 100 (पुलिस हेल्पलाइन) जैसी टोल-फ्री सेवाओं की जानकारी साझा की। सखी सेंटर से केंद्र प्रशासक विनीता सिन्हा द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर के बारे बताया इसमें सभी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एक ही स्थान पर अस्थायी आश्रय, पुलिस-डेस्क, विधि सहायता, चिकित्सा एवं काउन्सलिंग की सुविधा वन स्टॉप सेन्टर में उपलब्ध होती है। एक ही छत के नीचे हिंसा से पीड़ित महिलाओं एवं बालिकाओं को एकीकृत रूप से सहायता एवं सहयोग प्रदाय करता है।इसके बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य आर. के. साहू शासकीय महाविद्यालय, प्राचार्य प्रजापति शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर, चाइल्ड हेल्पलाइन से कु.शीतल सिंह परामर्शदाता, आउटरीच वर्कर पवन दीवान, विद्यालय से सभी शिक्षक- शिक्षिका वर्ग एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
: अवैध गांजा के व्यापार में संलिप्त, सहयोग करने वाला आरोपी गिरफ्तार...
Wed, Nov 20, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर. दिनांक 04/11/2024 को बसदेई पुलिस ने रेलवे स्टेशन सूरजपुर रोड के गाड़ी पार्किंग से करमबीर कुमार पाटिल उर्फ छोटू से 1 लाख रूपये कीमत के 5 किलो मादक पदार्थ गांजा जप्त कर धारा 20बी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर उसे गिरफ्तार किया गया था, आरोपी से पूछताछ से मिले अहम सुराग के आधार पर अवैध मादक पदार्थ गांजा का अवैध व्यापार करने में संलिप्तता एवं अवैध व्यापार वित्त पोषण करने तथा आरोपी को संश्रय देने एवं सहायता करने के मामले में धारा 27(क), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी झारसुगड़ा उड़ीसा निवासी मनोज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आरोपी अजय कुमार गुप्ता पिता देवीप्रसाद गुप्ता उम्र 36 वर्ष ग्राम बुन्दिया, थाना भटगांव के द्वारा भी पूर्व में पकड़े गए आरोपी करमबीर पाटिल को मादक पदार्थ का अवैध व्यापार करने में संलिप्तता, वित्त पोषण तथा आरोपी को संश्रय देते हुए सहायता करना पाए जाने पर उसे घेराबंदी कर पकड़ा गया और विधिवत् गिरफ्तार किया गया है।
: परियोजना अधिकारी और पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन...
Wed, Nov 20, 2024
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समुदाय आधारित पोषण प्रबंधन एवं पोषण प्रबंधन अंतर्गत मध्यम एवं गंभीर श्रेणी के कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में की जाने वाली आवश्यक कार्यवाही के संबंध में जिला पंचायत सभा कक्ष में परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में बच्चों का वृद्धि निगरानी माह में एक बार वीएचएसएनडी के पूर्व 5 से 7 दिवस के अवधि में पूर्ण किया जाना वृद्धि निगरानी के पश्चात् आवश्यकतानुसार सैम बच्चो का भुख परीक्षण किया जाना, सैम और मैम बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण वीएचएसएनडी में एएनएम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग द्वारा प्रदाय किया जाना, चिकित्सा परिचर्या की आवश्यकता वाले एनआरसी/ बच्चो का चिकित्सा अधिकारी या और जरूरत के अनुसार दवाइयां भी दी जायेगी, चिकित्सा जटिलता वाले बच्चो को एनआरसी/अस्पताल में संदर्भ किया जाएगा एवं एनआरसी/अस्पताल आधारीत सेवाएं प्रदाय किया जाना, बिना किसी जंटिलता चाले बच्चो को समुदाय आधारित प्रोटोकॉल अनुसार रथानीय आहार तथा आईसीडीएस द्वारा उपलब्ध पुरक पोषण का वितरण कर 16 सप्ताह तक और उसके पश्चात् अगले 6 माह तक फॉलोअप किया जाना, 6 माह से कम के चिन्हित सभी कुपोषित बच्चे को (सैम/एसयूडब्लू) को नज़दीकी एनआरसी तुरंत संदर्भ करना 6 माह के बच्चे का प्रबंधन सी-मैम प्रोटकॉल के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया जाएगा। पोषण स्तर की जाँच कर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग द्वारा 0 से 6 माह गंभीर कुपोषण के संकेत वाले बच्चे को एसएनसीयू/एनआरसी/अस्पताल संदर्भ किया जाएगा, 0 से 6 माह के माध्यम कुपोषण के संकेत वाले बच्चे को एचबीएनसी/एचबीवाईसी/गृह भेंट के द्वारा प्रबंधन किया जाएगा एवं 0 से 6 माह के सामान्य पोषण वाले बच्चे को एचबीएनसी/एचबीवाईसी गृह भेंट के द्वारा उचित परामर्श द्वारा प्रबंधन किये जाने के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल विकास परियोजना अधिकारी, एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।