: पुलिस का वाहन चेकिंग अभियान, 1569 लोगों पर एमव्ही एक्ट की कार्यवाही, 9 लोग को शराब पीकर वाहन चलाते पाए गए...
Wed, Apr 9, 2025
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर. शराब पीकर वाहन चलाते पाए गए तो चालान के साथ गाड़ी भी जब्त की जा रही है। सड़क हादसों को रोकने के लिए एसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने यातायात नियमों के उल्लघंन सहित शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। पुलिस के द्वारा वाहन चेक प्वाईंट लगाकर सभी दो पहिया, चार पहिया और भारी वाहनों के ड्राइवरों की जांच की गयी। मुख्य सड़क से गुजरने वाले सभी वाहनों के ड्राइवरों की ब्रीथ एनालाइजर मशीन से जांच की। यातायात प्रभारी सहित थाना-चौकी की पुलिस ने कुल 1569 लोगों के विरूद्ध एमव्ही एक्ट के तहत कार्यवाही की गई जिनमें से 9 चालक शराब के नशे में पाए गए जिनके विरूद्ध इस्तगाशा माननीय न्यायालय पेश किया गया। मार्च 2025 जिले की पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान 9 लोगों को शराब पीकर वाहन चलाते पकड़ा जिनकी गाड़ी जप्त किया गया है वहीं बिना हेलमेट के 10, बिना सीट बेल्ट के 51, नियम तोड़ने के 269, तेज गति से वाहन चलाने 11, माल वाहक पर यात्री परिवहन के 11 व यातायात नियमों के उल्लघंन पर 1210 कुल 1569 लोगों के विरूद्ध एमव्ही एक्ट की कार्यवाही कर 3 लाख 13 हजार 4 सौ रूपये समन शुल्क लिया गया। चेकिंग के दौरान यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय ने लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी और कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और सड़कों पर चालकों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के विरूद्ध चलाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें।
: डकैती मामले में 2 और आरोपी गिरफ्तार...
Wed, Apr 9, 2025
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर. अक्षयपुर में निर्माणाधीन पुल के निर्माण कार्य के दौरान चौकीदार को चाकू दिखाकर इसका मोबाईल लूटते हुए कैम्प में रहने वाले लोगों की जानकारी लेकर सभी रूम को खोलवाकर मजदूरों को जगाकर डरा धमकाकर बंधक बनाकर पुलिया निर्माण के लिए रखे लोहे के करीब 40-42 नग सेन्ट्रींग प्लेट एवं 4 नग और मोबाईल फोन को लूटकर ले गए। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 148/22 धारा 395 भादसं. के तहत मामला पंजीबद्ध करते हुए पूर्व में 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर सेन्ट्रींग प्लेट, 2 पिकअप वाहन सहित अन्य वस्तु जप्त किया था। वहीं अन्य आरोपी फरार थे जिनकी पतासाजी की जा रही थी। एसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने पुराने लंबित गंभीर अपराधों मामलों की समीक्षा करते हुए फरार आरोपियों की गंभीरतापूर्वक पतासाजी कर पकड़ने के निर्देश थाना-चौकी प्रभारियों को दिए है। रामानुजनगर पुलिस आरोपियों की पतासाजी में लगी थी इसी बीच मुखबीर की सूचना पर आरोपी (1) कुलदीप उर्फ बब्लू पिता लखन लाल उम्र 25 वर्ष निवासी मानिकपुर वार्ड क्र. 33 चौकी मानिकपुर थाना कोतवाली कोरबा (2) बुन्देश्वर रात्रे उर्फ बुधिया पिता भरत रात्रे उम्र 20 वर्ष निवासी मानिकपुर वार्ड क्र0 33 चौकी मानिकपुर थाना कोरबा कोतवाली जिला कोरबा को दबिश देकर पकड़ा गया। पूछताछ पर आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया जिन्हें गिरफ्तार किया गया।
: गर्मियों में करें पशुओं की उचित देखभाल
Wed, Apr 9, 2025
सौरभ द्विवेदी
सूरजपुर.
छत्तीसगढ़ राज्य में भीषण गर्मी की स्थिति में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तापमान 370 (डिग्री सेल्सियस) से अधिक निस्तर बना रहता है। इस दौरान पशुओं पर सामग्री रखकर या सवारी हेतु उपयोग करने से अथवा पशुओं को टांगे, बैलगाडी, भैसागाडी, उटगाडी, खच्चर टटटू गाड़ी एवं गधे पर वजन ढोने के उपयोग करने से पशु बीमार हो सकते है अथवा उनकी मृत्यु हो सकती है। पशुओं के प्रति कुरता का निवारण परिवहन एवं कृषि पशुओं पर क्रूरता का निवारण नियम 1965 के नियम 6(3) के अनुसार जिन क्षेत्रों में तापमान 370 से अधिक रहता है। उन क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच ऐसे पशुओं का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। पशुपालकों के लिए पशुओं को गर्मी/लू से बचाव के लिए दिशानिर्देश है। पशु गृह में हवा का मुक्त आवागमन सुनिश्चित कर पशुओं की सीधी धूप से बचाने के लिए पशु शाला के मुख्य द्वार पर खस (खसखस) या जूट की बोरियों के पर्दे लगाना चाहिए। पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए पशु शाला में पंखे, कूलर और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाये जा सकते है। यह दुधारू पशुओं के लिए उपयुक्त है। पर्याप्त स्वच्छ पेयजल हमेशा उपलब्ध होना बाहिए। पीने के पानी को छाव में रखना चाहिए। पानी और पानी के कुड़ों को हमेशा साफ रखे। पानी के कुडो को नियमित रूप से चूने से सफाई करनी चाहिए। पशुओं को कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन जैसे आटा, रोटी, चावल आदि न खिलाए। संतुलित आहार के लिए अनाज और चारा का अनुपात 40: 60 रखें। गर्मियों के दौरान उगाई जाने वाली ज्वार में जहरीले पदार्थ हो सकते है। जो जानवरों के लिए हानिकारक को सकते है। इसलिए वर्षा के अभाव में ज्वार की फसल को पशुओं को खिलाने से पहले 2-3 बार सिंचाई कर दें। पशुओं के बरसात के मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु गर्मी में एच.एस, एफ.एम. डी. बी.क्यू आदि के टीके लगवाने चाहिए। पशु गृह के खुले क्षेत्र के आसपास छायादार पेड़ लगाए, जो तापमान को कम करने में सहायक होते है। ग्राम पंचायतो, नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र के गौशाला, कांजी हाउस, गौठानों में चारे की पर्याप्त उपलब्धता तथा पशुओं हेतु पेयजल की उपलब्धता स्थानीय निकाय से समन्वय बनाकर सुनिश्चित करना चाहिए। गौशालाओं, पशु चिकित्सा संस्थानों में जीवन रक्षक औषधि का भण्डारण सुनिश्चित हों। पशुओं में लू लगने पर पशु चिकित्सक से परामर्श ले।