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: PMGSY की सडक बडे बडे गडढो में हुआ तब्दील...आवागमन हुआ ठप्प...ग्रामीणो ने आंदोलन की दी चेतावनी

पप्पू जायसवाल

बिहारपुर. कमीशन खोरी निर्माण कार्यो में अतिमियता,घटिया सड़क निर्माण का खामियाजा बिहारपुर चांदनी के क्षेत्र ग्रामीणो को प्रति वर्ष भोगना पड रहा है. मानसुन के मौसम में बिहारपुर से रसौकी मार्ग दो से तीन फीट गढढे में तब्दील होकर कई पुल-पुलिए भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जिससे आवागमन ठप्प हो गया है. गौरतलब है कि जिले में कालापानी के नाम से मशहूर बिहारपुर चांदनी का क्षेत्र के ग्रामीणो की समस्या बारिश के मौसम में बढ जाती है. बिहारपुर-उमझर मार्ग जर्जर हो गया है. जिसमें चलना खतरनाक हो गया है. पीएमजीएसवाई के तहत बनी सड़क की खस्ता हालत से ग्रामीण सहित पढने वाले छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है. तो वही बिहारपुर से महुली तक जाने के लिए यह ही एकमात्र सड़क है. यह मार्ग कोरिया को जोड़ने सहित एक दर्जन गांव का कार्य उपतहसील, समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस थाना,स्कूल, कॉलेज, बैंक, धान खरीदी केंद्र के साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बलरामपुर जिले को जोड़ता है बीते वर्ष ऐसी ही जर्जर सड़क में गड्ढा होने से’ गर्भवती माता को प्रसव के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिहारपुर ले जाते मार्ग में ही नवजात शिशु का जन्म हुआ और चंद मिनटों में मौत हो गया था. अब तक ऐसी घटना तीन गर्भवती माताओं के साथ हो चुका है. बहरहाल ग्रामीण अब सड़क की दुर्दशा को लेकर आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं. 19 अगस्त को बिहारपुर में लगे जन चौपाल में महुली गांव की सरपंच सहित ग्रामीणो ने की थी. ग्रामीणों ने 15 दिनों के भीतर सुधार नहीं होने पर आंदोलन करने की बात कही है.

5 साल में बन पाई थी सड़क
पीएमजीएसवाई के तहत बिहारपुर से महुली तक 15 किमी सड़क का निर्माण 2008 में शुरू हुआ था, जो 2013 में पूर्ण हुआ. सड़क निर्माण में पांच साल तो लग गए, सड़क बनने के साथ ही उखड़ने लगी थी, सडक मरम्मत के अभाव में दयनीय हो गई है. बडे बडे गडढे हो गये है कई पुल-पुलिए भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. यहा से गुजरने वाले वाहन चालक व राहगीर डरने लगे है तो वही अनजान राहगीर वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे है. ग्रामीणो ने जर्जर हुई सडक की मरम्मत कराने की मांग की है.

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